Covid-19 Update

2,00,043
मामले (हिमाचल)
1,93,428
मरीज ठीक हुए
3,413
मौत
29,821,028
मामले (भारत)
178,386,378
मामले (दुनिया)
×

Indian Technomac Scam: आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी जांच की जद में

Indian Technomac Scam: आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारी भी जांच की जद में

- Advertisement -

पांवटा साहिब। हिमाचल प्रदेश के सबसे बडे़ वित्तीय घोटाले की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। 6 हजार करोड़ के Indian Technomac Scam में आबकारी एवं कराधान विभाग के आधा दर्जन अधिकारी भी CID की जांच की जद में आ गए हैं। जांच सीआईडी के हाथ कुछ ऐसे सुराग लगे हैं, जिनसे साफ हो रहा है कि घोटाले में आबकारी एवं कराधान व बैंक के अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है। 

घपले के सूत्रधार शातिरों ने सबूत मिटाने के लिए 2008 से 2014 तक के सभी बिल जला दिए हैं। कंपनी परिसर में गहन जांच में सीआईडी के हाथ कुछ जले हुए बिलों के टूकडे़ लगे हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि माल खरीदने और माल बेचने में उपयोग हुए यह बिल किसी कंपनी के हैं या बिल फर्जी तौर पर ही बनाए गए थे। जांच इस बात की भी चल रही है कि इस घपले में हिमाचल के बाहर कौन-कौन सी कंपनियां शामिल थीं। वहीं सूत्रों की माने तो सीआईडी ने अधिकारियों और बिचौलियों सहित कई सफेद पोश नेताओं के खिलाफ भी सबूत जुटा लिए हैं। यदि जांच निष्पक्ष हुई तो कई सफेदपोश भी कानून के शिकंजे में होंगे। बहरहाल सीआईडी ने शिकंजे में फंसे महाघोटाले के एकमात्र आरोपी को फिर से 4 दिन के रिमांड पर ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आज डीआईजी सीआईडी स्वयं गिरफ्तार हुए आरोपी से पूछताछ करने पांवटा साहिब पहुंचे।


पूछताछ के दौरान फूट-फूट कर रोया आरोपी कंपनी डायरेक्टर

बेहद पेचीदा इस मामले की कुछ परतें पकडे़ गए एक मात्र आरोपी विनय शर्मा से पूछताछ में उधड़ गई हैं। आरोपी से पूछताछ के लिए आज सीआईडी के तेज़ तर्रार डीआईजी विनोद कुमार धवन पांवटा साहिब पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी फूट-फूट कर रोने लगा और उसने सारी आपबीती सीआईडी के आला अफसरों के समक्ष रख दी। टैक्नोमैक कंपनी के डायरेक्टर रहे पूर्व आईएएस के बेटे विनय शर्मा ने बताया कि वह कंपनी में महज़ 20,000 रुपये प्रतिमाह की नौकरी करता था, जिसे कई माह तक वेतन तक नहीं दिया गया और बाद में उसे डायरेक्टर बनाकर सभी काले कारनामों का ठीकरा उसके सर फोड़ दिया गया। कम शिक्षित होने व अपने भोलेपन की वजह से वह कंपनी से जुड़ा रहा और आखिर में असल मालिक के फरार हो जाने के बाद इस मामले में वह फंस गया।

आखिर क्यों नहीं काटी बिजली

अधिकतर मामलों में तय समय तक टैक्स न भरने वालों की बिजली काट दी जाती है। लेकिन इंडियन टैक्नोमैक के मामले में सालों तक न प्लांट की बिजली काटी गई और न ही टैक्स रिकवर करने के लिए कोई कार्रवाई की गई। अब महज खानापूर्ति के लिए पुलिस में एफआईआर दर्ज करा दी गई है, जबकि एक ही मामले में दो एफआईआर नहीं हो सकती। वहीं सूत्रों के मुताबिक सीआईडी ने मुख्य आरोपी राकेश कुमार शर्मा के परिवार की लोकेशन को ट्रेस कर ली है और उन्हें जल्द ही पूछताछ के लिए यहां लाया जाएगा। साथ ही विदेश में छिपे मुख्य आरोपी का पता मिलते ही वापस लाने के प्रयास होंगे।

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है