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मैक्लोडगंजः इस बार मात्र औपचारिकता ही होगा अंतरराष्ट्रीय हिमालयन उत्सव

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन, आईटीएफए व पर्यटन विभाग का उदासीन रवैया रहेगा कारण

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धर्मशाला। विश्व नोबेल शांति पुरस्कार विजेता दलाईलामा को नोबेल पुरस्कार मिलने के सम्मान में मैक्लोडगंज में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय हिमालयन उत्सव इस वर्ष मात्र औपचारिक रूप से ही आयोजित किया जाएगा। इस बार इसे औपचारिक रूप से 10 व 11 दिसंबर को मैक्लोडगंज के चुगलाखंग बौद्ध मठ के प्रांगण में मनाया जा रहा है। पहले हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग व केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में इंडो तिब्बतियन फ्रैंडशिप एसोसिएशन  10 से 12 दिसंबर तक मैक्लोडगंज में अंतरराष्ट्रीय हिमालयन उत्सव का आयोजन करती थी। इस संबंध में हिमालयन उत्सव को लेकर आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि इस बार आयोजन को स्थानीय स्तर पर ही मनाया जाएगा।

पहले इन देशों के सांस्कृतिक दल देतें थे प्रस्तुतियां

पूर्व के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय हिमालयन उत्सव में लेह-लद्दाख, नेपाल, भूटान, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, मणिपुर, अरुणाचल व सिक्कम सहित अन्य हिमालयन प्रदेशों के सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुतियां पेश करते रहे थे। यह उत्सव जहां हिमालय प्रदेशों की धरोहर संस्कृति को प्रदर्शित करता है, वहीं धर्मशाला व इसके आसपास रह रहे भारतीय व तिब्बती समाज में प्रगाढ़ मित्रता का परिचायक भी है। लेकिन, प्रशासनिक लेट लतीफी व इंडो तिब्बतियन फ्रैंडशिप एसोसिएशन के उदासीन रवैये के चलते यह उत्सव अब मात्र औपचारिकता बन कर ही रह गया है। पूर्व के वर्षों से पर्यटन विभाग इसके आयोजन पर 15 से 20 लाख रुपए का वार्षिक बजट खर्च करता था, लेकिन धीरे-धीरे यह राशि भी कम होती चली गई है। 10 दिसंबर को नोबेल पुरस्कार व विश्व मानव अधिकार दिवस के रूप में अधिकारिक रूप से मैक्लोडगंज के चुगलाखंग बौद्ध मठ के प्रागंण में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन द्वारा मनाया जाएगा। 10 दिसंबर को दोपहर उपरांत अंतरराष्ट्रीय हिमालयन उत्सव का शुभारंभ होगा। आयोजकों का प्रयास है कि इस वर्ष इस आयोजन को तिब्बतियन परफार्मिंग आर्ट सेंटर के कलाकारों के अतिरिक्त स्थानीय व अन्य प्रदेशों के सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुतियां पेश करेंगे, जिससे सर्द ऋतु में मैक्लोडगंज भ्रमण पर आने वाले पर्यटक भी हिमाचल व तिब्बत की धरोहर पारंपरिक संस्कृति से रूबरू हो सकें।

क्या कहते हैं पदाधिकारी

मुख्य सलाहकार एवं संस्थापक अध्यक्ष , इंडो तिब्बतियन फ्रैंडशिप एसोसिएशन धर्मशाला राम स्वरूप शर्मा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हिमालयन उत्सव का आयोजन दलाईलामा को मिले विश्व शांति नोबेल पुरस्कार को समर्पित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय उत्सव आयोजित किया जाता रहा है। प्रयास किए जा रहे हैं कि दलाईलामा के सम्मान में आयोजित होने वाले समारोह को हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जाए। इस दौरान केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के विभिन्न संस्थान अपने स्टाल लगाएंगे। 10 व 11 दिसंबर को मैक्लोडगंज के चुगलाखंग बौद्ध मठ के प्रांगण में आयोजित होने वाले समारोह में चंडीगढ़ , पठानकोट सहित तिब्बतियन परफार्मिंग आर्ट सेंटर व स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां पेश करेंगे।

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