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शिमला जलसंकटः अगली गर्मी को सरकार अभी से तैयार

शिमला जलसंकटः अगली गर्मी को सरकार अभी से तैयार

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शिमला। गंभीर पेयजल संकट का सामना कर चुकी राजधानी में अगली गर्मियों में ऐसी समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सरकार ने अभी से तैयारी कर ली है। आज नियम 130 के तहत सदन में उठे शिमला शहर में पानी की कमी के मुद्दे का रिप्लाई देते हुए आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि अगली गर्मी से पहले सरकार चावा से 80 करोड़ की लागत से पानी उठाकर गुम्मा में डालेगी।
दूसरी विश्व बैंक की परियोजना, जो कांग्रेस ने लटका कर रखी थी, जिसमें कोलडैम से पानी उठाए जाना था के लिए पहली किस्त दिसंबर से पहले आ जाएगी, जिससे टाइम बांड शिमला को पानी मिलेगा। महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि पानी की पाइप में यदि कहीं गलत हुआ है तो उसके ऊपर संज्ञान लिया जाएगा। किसी भी अधिकारी ने  पानी की समस्या को लेकर किसी तरह की एडवाइजरी जारी नहीं की थी। सूखे की वजह से शिमला में पानी की समस्या उत्पन्न हुई। शिमला शहर को गुम्मा व गिरी से पानी आता है। जबकि अश्वनी खड्ड के पानी को शिमला में पीलिया फैलने के बाद से बंद कर दिया है। सरकार ने किल्लत के दौरान हाई पावर कमेटी गठित की गई और पानी की समस्या से निपटा गया।

पानी की कमी होना सरकार की सबसे बड़ी विफलताः अनिरूद्ध

कांग्रेस विधायक अनिरूद्ध सिंह ने नियम-130 के तहत शिमला शहर में हुई पानी की कमी का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पानी की कमी सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। विधायक अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि शहर में पेयजल संकट पहली बार नहीं हुआ पहले भी होते रहे हैं। लेकिन, इस बार जिस तरह का संकट लोगों ने झेला वैसा संकट लोगों ने पहले कभी नहीं देखा।

एडवाइजरी जारी करने वाले अधिकारियों पर हो कार्रवाई

विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिमला शहर में पानी की कमी का मुख्य कारण नगर निगम शिमला मिस मैनेजमेंट था। उन्होंने महापौर पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पेयजल संकट हुआ तो वह विदेश दौरे पर थीं। शहर के कई वार्डों के लोगों को 12 दिनों के बाद पानी मिला। कनलोग वार्ड में सिवरेज वाला पानी लोगों को पिलाया गया, इससे बड़ी घटना क्या हो सकती है। उन्होंने कहा पर्यटक शिमला न आएं ऐसी एडवाइजरी जारी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

मुख्य न्यायाधीश को खुद क्यों जाना पड़ा वार्डों में

विधायक आशा कुमारी ने कहा कि शिमला में पानी की समस्या का समाधान ढूंढने के बजाए एडवाइजरी जारी करने वाले कौन अधिकारी थे, इन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या वजह थी कि मुख्य न्यायाधीश को खुद वार्डों में जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि कोलडैम से शिमला शहर को पानी लाने में अभी काफी समय लगेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि अगले साल पानी की ऐसी समस्या खड़ी न हो इसके लिए अभी से तैयारी करें, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़ा।

अश्वनी खड्ड में कूड़ा डालने वालों पर भी कार्रवाई हो

विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि गिरी परियोजना 20 एमएलडी की थी। लेकिन, उससे उतना पानी नहीं आया। इसमें कांटेक्टर की गलती थी, उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि शिमला शहर में पेयजल की समस्या थी सरकार इस समस्या का समय पर समाधान किया। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

नगर निगम की तैयारियां कम थीं मैंने किया था आगाहः भारद्वाज

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि शिमला शहर में पेयजल की कमी रहती है। 1980 और 1989 में भी ऐसी ही समस्या हुई थी। उन्होंने कहा कि पिछले साल बरसात में बारिश न होने बर्फबारी न होने के कारण सोर्सेज में पानी नहीं था, जिस के कारण पानी की कमी हुई। उन्होंने कहा कि तैयारियों की कमी रही। इसको लेकर एमसी को आगाह भी किया गया था।


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