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खतरनाक है इन सेक्सुअल हेल्थ प्रॉब्लम्स को नजरअंदाज करना

डॉक्टर से खुल कर बात नहीं कर पाती महिलाएं

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महिलाएं आज भी सेक्सुअल हेल्थ संबंधी समस्याओं पर बात करने में हिचकिचाती है। गांवों- कस्बों में तो हालत और भी खराब है। यही कारण है कि अगर कोई महिला सेक्सुअल हेल्थ रिलेटिड प्रॉबल्म से जूझ रही है तो वह खुल कर डॉक्टर के पास अपनी बात नहीं कह पाती। यही कारण है कि सही इलाज न होने के कारण उनकी बीमारी बढ़ती जाती है। सेक्सुअल हेल्थ से जुड़ी कुछ ऐसी समस्याएं हैं जिन का उपचार समय पर होना बहुत जरूरी होता। ऐसी कई बीमारियां है जिन्हें समय पर पकड़ने के लिए किसी भी महिला को अपने शरीर के सेक्शुअल हेल्थ वॉर्निंग साइंस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। आइये जानते हैं क्या है वो……

वजाइना, वुल्वा या स्क्रॉटम पर लम्प दिखना आम बात है और ज्यादातर मामलों में यह गंभीर नहीं माने जाते। अगर आपकी स्किन सेंसेटिव है और आप इस एरिया में शेव करते हैं तो इनग्रोन हेयर से भी यह लम्प्स हो सकते हैं।हालांकि कई बार यह लम्प्स वजाइनल या एनल सेक्स या फिर सेक्स टॉयज शेयर करने पर भी हो जाते हैं। अगर आपको भी इस तरह के लम्प्स नजर आएं तो एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

अगर आपको यूरीन पास करते समय दर्द, जलन या चुभन महसूस होती है तो समझ जाएं कि कुछ तो गड़बड़ है। आमतौर पर यह सिस्टिटिस कहलाता है। यह ब्लैडर का इंफैक्शन होता है और 20 से 40 प्रतिशत महिलाएं जीवन में कभी न कभी इसे जरूर एक्स्पीरिएंस करती हैं। यह एसटीआई नहीं है, लेकिन उसकी वजह से हो सकता है। यूरीन पास करते समय होने वाले दर्द और जलन का कारण क्लामाइडिया, गोनोरोइया या ट्राईकॉमनियासिस जैसे किसी एसटीआई का सिम्पटम हो सकता है। अगर ऐसा है तो अपने डॉक्टर से जरूर मिलें।

अगर आपको वजाइना से असामान्य डिस्चार्ज दिखता है तो यह एसटीआई हो सकता है। अगर यह डिस्चार्ज हरे या पीले रंग का है तो यह गोनोरिया का लक्षण हो सकता है। वहीं ट्राईकॉमनियासिस में डिस्चार्ज पीले-हरे लंग का होता है और इसमें से दुर्गंध आती है। अगर डिस्चार्ज में कोई बदबू नहीं है लेकिन यह गाढ़ सफेद रंग का है तो यह यीस्ट इंफैक्शन या थ्रश हो सकता है।

इररेग्युलर ब्लीडिंग के कई कारण हो सकते हैं। अगर आपने अनप्रोटेक्टेड सेक्स किया है और आपको इररेग्युलर ब्लीडिंग हो रही है तो डॉक्टर से संपर्क करें। यह किसी इंफैक्शन का नतीजा हो सकता है या फिर आपका कॉन्ट्रासेप्शन भी आपके लिए परेशानी का कारण हो सकता है। इररेग्युलर ब्लीडिंग ताजा मिस्कैरेज या अबॉर्शन, वजाइना में इंजरी, पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम, स्ट्रेस या वजाइनल ड्राइनेस के कारण हो सकती है।

अगर आपको लोअल अब्डॉमन में दर्द हो तो यह क्लामायडिया, गोनोरिया या ट्राईकॉमनियासिस की वजह से हो सकता है। इसके लिए अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। खासतौर पर किसी भी सेक्सुअल डिजीज के लिए नीम हकीम के पास जाने की बजाए गायनोकोलॉजिस्ट से संपर्क करें। सेक्स पहला हो या नहीं, लेकिन यह दर्दनाक नहीं होना चाहिए। अगर आपको सेक्स करते समय दर्द हो रहा है तो यह क्लामायडिया या ट्राईकॉमनियासिस का सिम्पटम हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से जरूर मिलें।

बेशक कुछ एसटीआई जैसे कि क्लामायडिया या ट्राईकॉमनियासिस की वजह से आपकी आंखों में भी इंफेक्शन हो सकता है। ओरल सेक्स के जरिए भी एसटीआई पार्टनर्स में ट्रांसफर हो सकता है। इससे बचने के लिए कंडोम का इस्तेमाल करें।

कई बार ऐसा होता है कि एसटीआई का कोई लक्षण ही नजर नहीं आता। ऐसा आमतौर पर तब होता है जब सिम्प्टम बहुत कम होते हैं और आप इन्हें समझ भी नहीं पाते। क्लामायडिया सबसे कॉमन एसटीआई है और इससे पीड़ित हर तीन में से दो महिलाएं या हर दो में से एक पुरुष इसके लक्षणों को पकड़ने में नाकाम रहते हैं। ऐसे में अगर आपने किसी नए पार्टनर के साथ अनसेफ सेक्स किया है तो अपने डॉक्टर के पास एसटीआई के लिए जांच जरूर करवाएं।

 

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