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जेएंडके से सटी चंबा की सीमाएं सील

जेएंडके से सटी चंबा की सीमाएं सील

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चंबा। PoK में घुसकर आतंकी ठिकानों पर भारतीय कमांडोज के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हिमाचल प्रदेश की जम्मू-कश्मीर व पंजाब के साथ सटी सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। चंबा में जम्मू कश्मीर बॉर्डर से जुड़ी सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं। साथ ही जम्मू-कश्मीर से सटे चंबा के इलाकों में पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है। खैरी, तीसा व किहार सेक्टर में सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। सीमाओं में चौकसी बढ़ाने के आदे के बाद पुलिस के जवान सरहद पर पूरी मुस्तैदी से डटे हुए हैं।ऐसा किसी भी संदिग्ध के चंबा की सीमा को पार नहीं करने के लिए किया गया है। एएसपी चंबा विरेंद्र ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चंबा के साथ सटे सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों को पूरी तरह चौकस किया गया है। वहीं, पंजाब के पठानकोट से लगती हिमाचल की सीमा पर भी पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। इस सीमा पर तीन दिन पहले ही कुछ संदिग्ध देखे गए थे। जिला कांगड़ा के एसपी संजीव गांधी ने बताया कि पुलिस लगातार चौकस है तथा गश्त बढ़ा दी गई है।

jaswant-fatherपहाड़ भी बोला, खून का बदला खून ही होता है

टीम। भारतीय सेना के जांबाजों का पीओके में घुसकर पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराने का शौर्य पहाड़ को भी सुकून दे गया। अपने कई रणबांकुरे खो चुके हिमाचल को पाकिस्तान पर की गई इस कार्रवाई ने जोश से भर दिया है। हालांकि पाकिस्तानी आतंकियों के अब तक हुए हमलों में वीरगति पाने वाले हिमाचल के लाल तो वापस नहीं मिलेंगे लेकिन हर समय देश की राजनीतिक इच्छाशक्ति के आगे दम तोड़ने वाली बदले की भावना को आज बल जरूर मिला है। कुछ ऐसा ही सुकून मिला है उड़ी हमले में घायल हुए जोगेंद्रनगर उपमंडल के बोहल गांव के सैनिक जसवंत सिंह के परिवार को। इस सर्जिकल स्ट्राइक के कदम से जसवंत सिंह का परिवार बेहद खुश है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि खून का बदला खून ही होता है। डोगरा रेजीमेंट के जवान जसवंत सिंह अभी दिल्ली में सेना के अस्पताल में भर्ती है। जसवंत के पिता जय सिंह व मां सुती देवी का कहना है कि गोली का जवाब गोली से ही दिया जाना चाहिए। जब पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने उनके बेटे सहित अन्य जवानों पर पीठ पीछे से हमला किया था। उसके बाद उन्होंने बाकायदा प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की थी कि इसका बदला भी खून ही होना चाहिए। आज उनकी यह मांग पूरी हुई है। जसवंत सिंह की पत्नी शाबनी देवी ने कहा कि देश की आन बान शान को बरकरार रखने के लिए मेरे पति ने अपने शरीर पर जो गहरे जख्म उठाए थे। उन जख्मों का हिसाब भारतीय सेना ने लेना शुरू कर दिया है।
saurabh-vikramदेर आए, दुरुस्त आए
कारगिल में शहीद हुए कै. सौरभ कालिया व विक्रम बतरा के परिजनों ने भी इस पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि सेना का यह कदम सराहनीय है। भले ही इस कदम को उठाने में कुछ देरी हुई हो, लेकिन जो अब हुआ वे उचित है। कारगिल युद्ध के पहले शहीद कै. सौरभ कालिया के पिता डॉ. एनके कालिया ने कहा कि भारतीय सेना व सरकार का यह कदम काबिलेतारीफ है। डॉ कालिया का कहना है कि पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जबाव दिया जाना चाहिए था। परमवीर चक्र विजेता कै. विक्रम बतरा के पिता जीएल बतरा का कहना है कि पाकिस्तान के खिलाफ यह सही कदम है। ऐसा कदम अगर काफी पहले उठा लिया गया होता, तो शायद उड़ी या पठानकोट की घटनाएं न होती।
cmआतंकी ठिकानों पर सैन्य हमला सराहनीय : वीरभद्र
भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी सराहनीय कदम बताया है। उन्होंने कहा, पाक अधिकृत कश्मीर में बने आतंकी अड्डों से ही आकर आतंकवादी भारत में गतिविधियों को अंजाम देते हैं। जयसिंहपुर में पत्रकारों से बातचीत में वीरभद्र सिंह ने कहा कि सेना ने केवल आतंकी अड्डों को ही निशाना बनाया है कोई भी आम नागरिक आहत नहीं हुआ है।
मंडी भी सर्जिकल स्ट्राइक से गदगद
मंडी जिला के लोगों में भी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। सोच संस्था के अध्यक्ष राजा सिंह मल्होत्रा का कहना है कि पाकिस्तान को भारत सरकार और सेना ने जो करारा जबाव दिया है उससे अब पाकिस्तान को समझ जाना चाहिए और अपनी आतंकी गतिविधियों को बंद कर देना चाहिए। हिमाचल डिफेंस फैमिली वूमेन वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष आशा ठाकुर का कहना है कि देश का स्वाभिमान जरूरी है और इसके साथ बिल्कुल भी समझौता नहीं किया जा सकता। देश पर बुरी नजर डालने वालों को इसका मुहंतोड़ जवाब मिला है। वरिष्ठ नागरिक कृष्ण पाल ने इस कार्रवाई पर खुशी जताई और कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेना के नौजवानों ने ऐसा कदम उठाकर देश की जनता का दिल जीत लिया है।

uniबधमाना में मिली सेना की वर्दी, जांच में जुटी पुलिस

ऊना। बधमाना में वीरवार को सड़क किनारे सेना की लावारिस वर्दी मिली है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वीरवार बधमाना गांव में सड़क के नजदीक मनरेगा का काम लगा हुआ था और कुछ लोग वहां पर काम में लगे हुए थे, तभी काम कर रहे लोगों ने सेना की वर्दी देखी जिस पर उन्होंने चिंतपूर्णी पुलिस को सूचित किया। घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी अम्ब सहित पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की तो वर्दी के ऊपर आईएनडीआर लिखा पाया गया जोकि इंडियन आर्मी की वर्दी का निशान होता है। उक्त मामले पर अभी भी सन्देह बना हुआ है कि आखिर ये वर्दी किसकी है। फिहलाल पुलिस की जांच में ये तो साफ़ हो गया है कि उक्त मिली सेना की वर्दी इंडियन आर्मी की है और उक्त मामले को लेकर पुलिस जांच में जुट गई है। उधर, डीएसपी अम्ब जतिंद्र चौधरी ने बताया कि लावारिस सेना की वर्दी मिली है, जिस इंडियन आर्मी का निशान है। लावारिस वर्दी पुरानी लग रही है। पुलिस वर्दी के ऊपर नेम प्लेट को लेकर जांच कर छानबीन कर रही है।

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