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धोखाधड़ी और गबन के दोषी सहकारी सभा सचिव, ऑडिटर सहित आठ को जेल

धोखाधड़ी और गबन के दोषी सहकारी सभा सचिव, ऑडिटर सहित आठ को जेल

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हमीरपुर। कक्ड़यार कृषि सेवा सहकारी सभा समिति में धोखाधड़ी व गबन के मामले में सभा के सचिव, ऑडिटर सहित 8 को दोषी करार दिया है। सत्र न्यायधीश पदम सिंह की अदालत ने सभा के सचिव सुनील कुमार व सभा के सदस्य रतन चंद डोगरा, संतोष कुमार, राज कुमार, बहादुर सिंह, मदन लाल व केहर सिंह को पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया है।


जुर्माना अदा न करने की सूरत में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, ऑडिटर चुन्नी लाल को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 13(2) के तहत चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी चंद्रशेखर भाटिया व उपन्यायवादी अनुज शर्मा ने की।

ये था मामला

जिला न्यायवादी चंद्रशेखर भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 नवंबर 2009 को दिले राम धीमान सहायक रजिस्ट्रार सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं हमीरपुर ने थाना सदर में अभियोग दर्ज करवाया था। शिकायत में उन्होंने कहा था कि कक्ड़यार सहकारी सभा के सचिव सुनील कुमार व अन्य सदस्यों द्वारा लोगों को दिए गए कर्ज माफी में बरती गई अनियमितताओं की जांच जगदीश चंद जसवाल निरीक्षक सहकारी सभाएं हमीरपुर द्वारा करने पर कर्ज माफी में काफी अनियमितताएं पाई गईं। कुछ रिकॉर्ड भी जला दिया गया था। वहीं, ऑडिटर चुन्नी लाल ने गलत ऑडिट किया।

शिकायत के बाद थाना सदर में मामला दर्ज हुआ। मामले की जांच इंस्पेक्टर शेर सिंह व इंस्पेक्टर अन्नत राम ने की। जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया। सरकार की तरफ से 25 गवाह पेश किए गए। आज अदालत ने आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा का ऐलान किया। दोषी सुनील कुमार सचिव को धारा 420 के तहत पांच साल का कठोर कारावास व पांच हजार जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 467 व 468 में भी उपरोक्त सजा तथा धारा 201 व 120 बी में तीन साल का कठोर कारावास व तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

ऑडिटर चुन्नी लाल को भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 13(2) के तहत चार साल का कठोर कारावास व दस हजार जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 120 बी के तहत तीन साल की कैद व 3 हजार जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। वहीं, दोषी रतन चंद डोगरा, संतोष कुमार, राज कुमार, बहादुर सिंह, मदन लाल व केहर सिंह को धारा 420 के तहत पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। जुर्माना भी लगाया गया है। धारा 120 बी के तहत तीन साल का कठोर कारावास व जुर्माना किया गया है।

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