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पूरी दुनिया एक तरफ, कंगना का तर्क एक तरफ: ‘पद्मश्री’ ने फिर दिया जहरीला बयान

कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान कर पीएम मोदी ने कंगना का दिल तोड़ दिया

पूरी दुनिया एक तरफ, कंगना का तर्क एक तरफ: ‘पद्मश्री’ ने फिर दिया जहरीला बयान

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नई दिल्ली। ‘पद्मश्री’ कंगना रनौत के कुतर्क के सामने पूरी दुनिया का ज्ञान फेल है। यह बात तो हम और आप बखूबी जानते हैं, लेकिन आज पीएम नरेंद्र मोदी के कृषि कानूनों की वापसी ऐलान के बाद ‘पद्मश्री’ का दिल टूट गया है। खिसियाते हुए पद्म श्री ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से भारत को जिहादी राष्ट्र बताया है।

कंगना का ट्विटर अकाउंट तो संस्पेंड है, लेकिन वह इंस्टाग्राम स्टोरीज अपलोड करके लगातार जहरीले बयान दे रही हैं। कंगना ने इंस्टा स्टोरी में कृषि कानूनों की वापसी को दुखद और शर्मनाक बताते हुए लिखा, ”अगर संसद में चुनी हुई सरकार के बदले सड़कों पर लोगों ने कानून बनाना शुरू कर दिया तो यह एक जिहादी राष्ट्र है। उन सभी को बधाई जो ऐसा चाहते थे।

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शुक्रवार सुबह राष्ट्र को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने गुरु पर्व और कार्तिक पूर्णिमा के खास अवसर पर विवादित तीनों नए कृषि कानूनों (Agriculture Law) को वापस लेने की घोषणा की। पीएम मोदी ने इस मौके पर देश की जनता से माफी भी मांगी।

उन्होंने कहा, ‘मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए यह कहना चाहता हूं कि हमारी तपस्या में कोई कमी रह गई होगी। कुछ किसान भाइयों को समझा नहीं पाए। आज गुरुनानक देव का पवित्र पर्व है। ये समय किसी को दोष देने का समय नहीं है। आज पूरे देश को यह बताने आया हूं कि सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है।’

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पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस महीने के अंत में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की संवैधानिक प्रक्रिया शुरू कर देंगे। इसके साथ ही, पीएम मोदी ने आंदोलन पर बैठे लोगों को प्रकाश पर्व पर अपने घर वापस जाने की अपील की।

पीएम मोदी ने कहा कि ये भी बहुत सुखद है कि डेढ़ साल के अंतराल के बाद करतारपुर साहिब कॉरिडोर अब फिर से खुल गया है। पीएम मोदी ने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने कितनी चुनौतियों को काफी करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि किसान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

100 में से 80 किसान ऐसे हैं जिनके पास महज 2 हेक्टेयर जमीन है। ऐसे किसानों की संख्या देश में करीब 10 करोड़ से भी ज्यादा है। उनकी पूरी जिंदगी का आधार यह जमीन का छोटा सा टुकड़ा है और इसी सहारे वे अपना और अपने परिवार का गुजारा करते हैं।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी यह जमीन का टुकड़ा और छोटा जा रहा है। बीज, बीमा और बाजार पर सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार ने अच्छी क्वालिटी के बीज के साथ ही यूरिया, स्वाइल हेल्थ कार्ड और माइक्रो इरिगेशन से जमीन को जोड़ा है।

उन्होंने कहा कि हमने 22 करोड़ स्वाइल हेल्थ कार्ड दिए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की तरफ से की गई उपज की खरीद ने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण के लिए हजारों करोड़ रुपए खर्च किए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि किसानों का कानूनों को समझाने का भरपूर प्रयास किया गया, अनेक माध्यमों से. लेकिन वह समझ नहीं पाए। उन्होंने कहा कि हमने किसानों की बातों और उनके तर्क को समझने में भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

पिछले साल संसद से पास हुए थे तीनों कानून

गौरतलब है कि तीनों नए कृषि कानून 17 सितंबर 2020 को संसद से पास कराया गया था। इसके बाद से लगातार किसान संगठनों की तरफ से विरोध कर इन कानूनों को वापस लेने की मांग की जा रही थी। किसान संगठनों का तर्क था कि इस कानून के जरिए सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को खत्म कर देगी और उन्हें उद्योगपतियों के रहमोकरम पर छोड़ देगी। जबकि, सरकार का तर्क था कि इन कानूनों के जरिए कृषि क्षेत्र में नए निवेश का अवसर पैदा होगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। सरकार के साथ कई दौर की वार्ता के बाद भी इस पर सहमति नहीं बन पाई। और किसान दिल्ली कूच कर गए और तब तक डटे रहे जब तक केंद्र सरकार ने तीनो कृषि कानून वापस नहीं लिए।

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