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कंगना रणौत नहीं बनेगी टूरिज्म की ब्रांड एंबेसडर

कंगना रणौत नहीं बनेगी टूरिज्म की ब्रांड एंबेसडर

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शिमला। जानी-मानी फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रणौत हिमाचल टूरिज्म की ब्रांड अंबेस्डर नहीं बनेंगी। हिमाचली बाला ने इसके लिए मना नहीं किया है। सरकार के पास उलझी कंगना की फ़ाइल से खफा पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष मेजर विजय सिंह मानकोटिया ने ही हाथ पीछे खींच लिए हैं। मानकोटिया सरकारी सुस्ती से खफा थे, इसलिए उन्होंने वीरवार को हुई बोर्ड के निदेशक मंडल की बैठक में उन्होंने इस प्रस्ताव को वापस ले लिया। हालांकि कंगना राज्य सरकार की शर्तों पर काम करने के लिए तैयार हो गईं थी। लेकिन, मामला लटका रहने से मानकोटिया रुष्ट हो गए। वीरवार को बीओडी की बैठक में इस एजेंडा को भी लाया गया था।

  • mankotiaबीओडी की बैठक डेढ़ साल बाद होने से खफा मेजर मनकोटिया पीछे हटे

मेजर विजय सिंह ने बताया कि डेढ़ साल पहले कंगना से ब्रांड एंबेेसडर बनाने को लेकर शुरू हुई थी। वे दो बार राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार पा चुकी हैं और विश्व विख्यात हैं। उन्हें वे अमिताभ बच्चन की गुजरार की तर्ज पर कंगना को हिमाचल का टूरिज्म ब्रांड अम्बेसडर बनाना चाहते थे। उनसे बातचीत फाइनल हो चुकी थी। पर्यटन आयुक्त मोहन चौहान और अन्य अधिकारी मुंबई भी गए और वह हमारी शर्तों पर एंबेेसडर बनने को भी तैयार हों गई। लेकिन, इसके बाद सरकार ने मामला लटकाए रखा। उन्होंने इसके लिए सीएम से स्वीकृति भी ले ली थी। बावजूद मामले को डेढ़ साल बाद बीओडी में लाया गया। बीओडी साल में दो बार होनी चाहिए, लेकिन इसे डेढ़ साल बाद किया गया। इससे उन्हें निराशा हुई।

अब वह कंगना को पत्र लिखकर माफ़ी मांगेंगे। उन्हें पूरी बात भी बताई जाएगी। उन्होंने बताया कि सोलन और शिमला के बीच फ़िल्म ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। साथ ही शोभा सिंह आर्ट गैलरी में सांस्कृतिक केंद्र बनाने का भी प्रस्ताव स्वीकार किया गया है। इसके अलावा कांगड़ा के ततवानी स्थित गर्म पानी के चश्मों को मणिकर्ण के गर्म पानी के चश्मों को विकसित करेंगे।

चांशल घाटी साहसिक गतिविधियों के लिए हो विकसित 

शिमला। दूरदराज क्षेत्र डोडरा-क्वार को जोड़ने वाली चांशल घाटी में साहसिक गतिविधियों तथा चांशल (4520 मीटर) की ढलानों पर स्कींग शुरू करने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। यह बात सीएम वीरभद्र सिंह ने पर्यटन विकास बोर्ड की 8वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। सीएम ने भारतीय पर्वतारोहण फेडरेशन की प्रस्तुतिए जिसमें चांशल तथा इसके आसपास ट्रैकिंग, पैराग्लाईडिंग, रीवर रॉफ्टिंग तथा स्कींग की अपार संभावनाओं को दर्शाया गया, को देखने के उपरांत कहा कि चांशल घाटी में कई किलोमीटर तक फैले ऐसे खुले हरे मैदान हैं, जो स्कींग एवं अन्य गतिविधियों के लिए उपयुक्त हैं।

  • cmसीएम ने कहा कि 3978 मीटर ऊंचे रोहतांग दर्रे के मुकावले चांशल घाटी में आगन्तुकों के लिए बहुत कुछ है और अन्य सुविधाओं सहित इस क्षेत्र में सड़क नेटवर्क में सुधार लाने के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में कुछ रज्जू मार्ग परियोजनाओं के लिए छूट प्रदान करने पर भी चर्चा की गई। 

उन्होंने कहा कि यहां कुछ छोटी झीलें तथा किन्नौर जिले की सांगला घाटीए रामपुर व उत्तराखण्ड को जोड़ते हुए एक दर्जन से अधिक बर्फ से ढके ट्रेकिंग मार्ग हैं, जहां साहसिक खेल प्रेमियों तथा पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए और भी बहुत कुछ हैं।  सीएम ने कहा कि 3978 मीटर ऊंचे रोहतांग दर्रे के मुकावले चांशल घाटी में आगन्तुकों के लिए बहुत कुछ है और अन्य सुविधाओं सहित इस क्षेत्र में सड़क नेटवर्क में सुधार लाने के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में कुछ रज्जू मार्ग परियोजनाओं के लिए छूट प्रदान करने पर भी चर्चा की गई। इन रज्जू मार्गों के लिए अनेक बार निविदाएं आमंत्रित करने के बावजूद कोई भी उपयुक्त अभिव्यक्ति प्राप्त नहीं हुई। इन परियोजनाओं में टोबा से नयना देवी, शाहतलाई से दियोट सिद्ध, न्यूगल से पालमपुर तथा सराहन से बशाल कंडा शामिल हैं।

बद्दी में एडवेंचर पार्क, गोल्फ कोर्स विकसित करने के सुझाव

बैठक के दौरान पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए पट्टे पर देने के बजाए बद्दी में एडवेंचर पार्क अथवा गोल्फ कोर्स विकसित करने के सुझाव आए। इसी प्रकार झटिंगरी (मंडी), कुल्लू जिला के बंजार में शोझा तथा सिरमौर जिला के सुकेती को विकसित करने के लिए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बोली मानदण्डों को पुनर्गठित करने का निर्णय लिया गया। यह भी अवगत करवाया गया कि हिप्र अधोसंरचना विकास गोर्ड के माध्यम से विभाग रज्जू मार्ग परियोजनाओं को विकसित करने की प्रक्रिया में लगा है, जिनमें 150 करोड़ रुपये की धर्मशाला से मैक्लोडगंज परियोजना, जिसके लिए वन संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की जा चुकी है, आदी हिमानी से चामुंडा तक 5.80 किलोमीटर रज्जू मार्ग परियोजना, जिसके संरेखण एवं सर्वेक्षण को अंतिम रूप दिया जा चुका है। 8.63 किलोमीटर पलचान से रोहतांग रज्जू मार्ग परियोजना तथा भुंतर से बिजली-महादेव रज्जू मार्ग परियोजना, जिसके लिए बोली स्वीकार कर ली गई है और अनुबंध हस्ताक्षर करने के लिए औपचारिकताओं की प्रक्रिया जारी है।

cm1मानकोटिया बीबीएमबी अधिकारियों के रवैये से खिन्न 
वीरभद्र सिंह ने धर्मशाला, डलहौजी, कुल्लू, मंडी, चिंतपूर्णी, नाहन, ऊना, हमीरपुर तथा ढली (शिमला) बस अड्डों के सुधार के निर्देश जारी किए। गत बैठक में परिवहन विभाग को इस सम्बन्ध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था, जो ढली बस अड्डे में सुधार के सम्बन्ध में अभी भी प्रतिक्षित है। बोर्ड ने पर्यटन को प्रोत्साहित करने वाली फिल्में बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की, जिसके लिए आरम्भ में 50 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है तथा इसकी निविदाओं को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। उन्होंने कांगड़ा की तर्ज पर पौंग डैम परिसर में किसी भी स्थान पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करने का सुझाव भी दिया। पर्यटन बोर्ड के उपाध्यक्ष विजय सिंह मानकोटिया ने पौंग डैम में पर्यटन गतिविधियों में सुधार के लिए विभिन्न कदम उठाने के सुझाव दिए।

पर्यटन बोर्ड के उपाध्यक्ष विजय सिंह मानकोटिया ने कहा कि पौंग बांध में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने के लिए राज्य सरकार के साथ भाखड़ा ब्यास प्रबन्धन बोर्ड से बैठक करने का अनेक बार आग्रह करने के बाबजूद बीबीएमबी  अधिकारी मंद दृष्टिकोण अपना रहे हैं। उन्होंने सीएम से इस वित्त वर्ष के समाप्त होने से पूर्व बीबीएमबी को स्पष्ट निर्देश जारी करने का आग्रह किया। उन्होंने हवाई अड्डे के  विकास और शिमला के लिए उड़ानों पर चिंता जाहिर की। 

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