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Kangra निजी बस ऑपरेटर चाहते हैं किराया बढ़ोतरी, कितना बढ़े- सरकार पर छोड़ा

Kangra निजी बस ऑपरेटर चाहते हैं किराया बढ़ोतरी, कितना बढ़े- सरकार पर छोड़ा

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कांगड़ा। जिला कांगड़ा निजी बस ऑपरेटर संघ (Kangra Private Bus Operators Union) का कहना है कि पिछले कुछ समय में डीजल के मूल्य में अत्यधिक वृद्धि हुई है व बस ऑपरेटरों के आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। वे ज्यादा समय तक इन हालातों में अपनी सेवाएं देने में सक्षम नहीं रहेंगे, जिस कारण आम जनता को पुनः मिल रही सुविधा से वंचित रहना पड़ सकता है। बसों के न्यूनतम किराया (Minimum Fare) बढ़ोतरी व बेसिक किराए में बढ़ोतरी के विषय पर संघ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अगर सरकार किराया बढ़ोतरी का निर्णय करती है तो वे उसका स्वागत करेंगे। कोरोना काल में न्यूनतम व बेसिक किराए में बढ़ोतरी समय की मांग है। कितनी बढ़ोतरी सुनिश्चित की जानी चाहिए, यह अधिकार सरकार पर छोड़ दिया है।जिला कांगड़ा निजी बस ऑपरेटर संघ की अध्यक्ष हैप्पी अवस्थी की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) के माध्यम से बैठक हुई। बैठक में बस ऑपरेटरों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई। चर्चा के बाद सरकार से टोकन टैक्स और विशेष पथकर में 31 जुलाई के बाद अतिरिक्त छूट की मांग के अलावा बस ऑपरेटरों के पक्ष में आर्थिक सहायता दो लाख प्रति बस को बढ़ाकर तीन लाख सुनिश्चित करने की मांग भी की। संघ का तर्क है कि बस की इंश्योरेंस के लिए 70-80 हजार खर्च होते हैं। टायर पर भी करीब एक लाख रुपये लग जाता है। इसके बावजूद बैटरी, मैकेनिक रिपेयर, ड्राइवर-कंडक्टर व डीजल आदि के खर्च को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।


 

दो लाख की आर्थिक सहायता को नाकाफी दिया करार

करीब पांच माह से अधिकतर बसें रूट पर नहीं चली हैं, जिस वजह से वहां सवारियों को अभी विश्वास नहीं है कि बसें पूर्व की तरह फिर से अपनी सेवाएं देंगी। अतः कुछ दिन ऑपरेटर को डीजल (Diesel) खर्च भी जेब से ही वहन करना पड़ेगा और कोरोना महामारी के मुश्किल समय में कोई भी बस ऑपरेटर इस हालात में नहीं है कि वो जेब से डीजल डालकर बसों को चला सके। दो लाख की आर्थिक सहायता इस समय नाकाफी रहेगी। अतः जिला के समस्त निजी बस ऑपरेटरों ने सरकार व परिवहन विभाग से मांग की है कि वे दो लाख कि बजाए तीन लाख रुपए आर्थिक सहायता सुनिश्चित करें, जिससे पुनः व्यवसाय आरंभ करने में कोई परेशानी ना होगी।

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समस्याओं का हल ना हुआ तो परिवहन व्यवसाय हो जाएगा समाप्त

जिला कांगड़ा निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष हैप्पी अवस्थी ने बताया कि उन्होंने किराए में बढ़ोतरी का कभी भी विरोध नहीं किया है व इस महामारी के मुश्किल दौर में किराया बढ़ोतरी समय की मांग है। यदि सरकार जल्द निजी बस ऑपरेटरों की समस्याओं का हल नहीं करती तो परिवहन व्यवसाय समाप्त होने में अधिक समय नहीं लगेगा। इसका सीधा असर हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) पर भी पड़ेगा जो प्रतिदिन घाटे में सेवाएं प्रदान कर रही है। सरकार ने बस ऑपरेटरों को जितनी राहत हिमाचल प्रदेश में प्रदान की है, शायद ही किसी अन्य प्रदेश सरकार ने की होगी, जिसके लिए वे सरकार का धन्यवाद करते हैं।

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