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सुखद : बस कुछ साल और … Himachal होगा TB मुक्त

सुखद : बस कुछ साल और …  Himachal होगा TB मुक्त

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Kaul Singh Thakur: कौल सिंह का दावा, बीमारी के खात्मे को तेजी से हो रहा काम

Kaul Singh Thakur: शिमला। स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2021-22 तक टीबी रोग से मुक्त हो जाएगा। उनका कहना है कि राज्य में इस दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है और अगले वित्त वर्ष के बजट में इस रोग से लड़ने को मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना की घोषणा की गई है, जो सीएम वीरभद्र सिंह ने की है। उन्होंने कहा कि इस बार का स्लोगन-यूनाइट टू एंड टीबी है। वे आज यहां आईजीएमसी में विश्व क्षय रोग दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।


अगले वित्त वर्ष में शुरू होगी मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना

उन्होंने कहा कि टीबी रोग की समस्या पूरे विश्व में है और इसे लेकर सभी देश लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना था कि डब्ल्यूएचओ ने 2035 तक पूरे विश्व से इस रोग को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है, जबिक भारत ने यह लक्ष्य 2025 रखा है। ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार ने इसमें और आगे बढ़ते हुए वर्ष 2021-22 तक टीबी रोग मुक्त होने का टारगेट रखा है उन्होंने कहा कि टीबी रोग को समाप्त करने के मकसद से सीएम वीरभद्र सिंह ने इस बारके बजट में ”मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना“ की घोषणा की है। इसके मकसद से पूरे राज्य से इस रोग से लोगों को ठीक किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किस व्यक्ति को टीबी है, उसका पता लगाने के लिए सरकार नवीन तकनीक का प्रयोग कर रही है।

सरकार ने प्रदेश के 9 जिलों में टीबी नेट मशीन स्थापित कर दी है और इस वर्ष बाकी बचे तीनों जिलों में इस मशीन को स्थापित कर दिया जाएगा। उनका कहना था कि इसके बाद निचले स्तर पर इस मशीन को स्थापित करने का लक्ष्य है। उनका कहना था कि रोगी की पहचान होने के बाद उसकी काउंसलिंग कर उसे समझाया जाता है कि दवा कैसे लेनी है और दवा का सही इस्तेमाल करने से इस रोग से छुटकारा पाया जा सकता है। ठाकुर ने कहा कि आरएनटीपीसी कार्यक्रम के तहत 1997 में केंद्र सरकार ने पहले हमीरपुर जिला को शामिल किया गया था और 2012 में इसमें पूरे प्रदेश को शामिल किया गया था।

उनका कहना था कि प्रदेश में इस रोग से लड़ने को हर स्तर पर प्रभावी रूप से कदम उठाए जा रहे हैं। इस मौके पर 21 देशों के 33 प्रतिनिधि भी आए थे और वे पीजीआई चंडीगढ़ के पब्लिक हेल्थ प्रबंधन कार्यक्रम के तहत यहां आए हैं। जिन देशों से प्रतिनिधि आए हैं, उनमें भी टीबी रोगी हैं और वहां कैसे इस रोग से लड़ा जा रहा है और कैसे और बेतहर तरीके से लड़ा जाता है, इसके बारे में जानकारी ली जा रही है।

यह भी पढे़ं : Kaul Singh Thakur का नड्डा पर पलटवार, केंद्र के बजट का हो रहा है सही इस्तेमाल

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