ये कैसा फंडा : पेट तो है भरा फिर भी खाना खाने को करें मन

असली और नकली भूख के कारण होता है ये सब

ये कैसा फंडा : पेट तो है भरा फिर भी खाना खाने को करें मन

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क्या आप के साथ ऐसा कभी हुआ है कि भरपेट खाने के कुछ समय बाद आपको फिर से भूख लगी हो। दरअसल इसे नकली भूख कहते है। अब आप सोच रहे होंगे कि ये असली और नकली भूख खा फंडा क्या है। तो चलिए हम आप को बताते हैं। असली भूख का मतलब है कि हमारे शरीर को सचमुच खाने की आवश्यकता है और नकली का अर्थ हुआ पेट के मना करने के बावजूद खाने की इच्छा होना।

असली और नकली भूख के लक्षण :

असली भूख के कुछ संकेत हैं : पेट में हल्के मरोड़ के साथ भूख लगने का एहसास होना (जिसे पेट में चूहे कूदना भी कहते हैं), कमज़ोरी और ऊर्जा की कमी महसूस करना, हल्का सिरदर्द होना और किसी चीज़ पर ध्यान एकाग्रचित्त न होना. इसके अलावा थोड़ा चिड़चिड़ापन भी हो सकता है।

नकली भूख के लक्षण हैं : प्यास लगना, पेट भरा होने के बावजूद किसी विशेष व्यंजन को देखकर खाने की इच्छा होना, सार्वजनिक समारोहों में दूसरों की देखादेखी खाने का मन करना आदि।

डायटीशियन का मानना है कि कई बार हम प्यास को भूख समझ बैठते हैं। यदि आपने घंटे भर पहले खाना खाया हो, बावजूद उसके कुछ खाने की इच्छा हो रही है तो इसका मतलब यह है कि आपको प्यास लगी है। सवाल यह है कि ऐसे में क्या करना चाहिए तो आप नकली भूख लगने पर पानी या फलों का रस पी सकते हैं। यदि तब भी भूख शांत न हो तो थोड़े फल खा लें। कभी-कभी थके होने पर भी भूख लगने सा एहसास होता है।

एक और कारण नींद का पूरा न होना या मानसिक तनाव भी है। नींद पूरी न होने या मानसिक तनाव के चलते होने वाली थकान को ऊर्जा की कमी समझकर कुछ न कुछ खाते हैं या शक्करयुक्त पेय पदार्थ बतौर एनर्जी बूस्टर पीते हैं। ये सब कुछ करने के बजाय अगर हम 10-15 मिनट की झपकी ले लेते हैं तो हम तरोताज़ा महसूस करते हैं।

क्या करें :

• दिनभर में कम से कम आठ ग्लास पानी पिएं। इससे नकली भूख पर नियंत्रण रखा जा सकता है। इतना ही नहीं पानी एक बेहतरीन क्लींजिंग एजेंट भी है।
• अपनी डॉक्टर से इस बारे में बात कर करें कि कौन सा विटामिन सप्लीमेंट आपके लिए फ़ायदेमंद होगा।
• सुबह के आहार की शुरुआत फलों से करें।
• सुबह के नाश्ते में जल्दी पचने वाले कार्बोहाइड्रेट्स और प्रोटीन की अधिक मात्रा होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर इडली, पोहा, अंडे की सफ़ेदी इत्यादि।
• ऑफ़िस में अपने पास नट्स, चीज़, सोया मिल्क ज़रूर रखें। हर दो घंटे में कुछ न कुछ खाती रहें। लंच के डब्बे में पौष्टिक सब्ज़ी और रोटी रखना न भूलें।
• दिन में तीन मील खाने की आदत डालें। इससे ब्लड शुगर का स्तर सामान्य बना रहता है और इन्हें खाने के बाद आप ऊर्जावान महसूस करती रहेंगी।

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