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इस बूटी को छूने से लगता है बिच्छू सा डंक, फायदे जानेंगे तो रह जाएंगे दंग

इस बूटी को छूने से लगता है बिच्छू सा डंक, फायदे जानेंगे तो रह जाएंगे दंग

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रविंद्र चौधरी/फतेहपुर। बिच्छू बूटी के बारे में तो सबने सुना ही होगा लेकिन इसके गुणों के बारे में शायद हर कोई नहीं जानता है। अक्सर इस बूटी को छूने पर ऐसा लगता है जैसे किसी बिच्छू ने काट लिया हो। इसे पहाड़ों में कुंगसी घास के नाम से जाना जाता है। बिच्छू बूटी (Stinging Nettle) एक औषधीय पौधा है। पहाड़ों में इसका प्रयोग शरीर के किसी अंग में मोच आने पर भी करते हैं। कहीं भी मोच आए तो नमक और बिच्छू बूटी को पीसकर इसका लेप करने से मोच खत्म होती है जबकि हड्डी में तकलीफ हो तो वह भी ठीक हो जाती है। इसका वैज्ञानिक नाम Urtica dioica है।

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इसकी सब्जी बनाकर भी लोग खाते हैं। यह खून साफ करती है। सर्दियों (Winter) में इसको खाने से आदमी को ठंड नहीं लगती। इसकी सब्जी लोग बड़े ही चाव से खाते हैं और बहुत ही स्वादिष्ट होती है लेकिन इसको बनाने की प्रक्रिया थोड़ी कठिन है। एक तो इसे हाथ सेनहीं निकाला जाता। इसे चिमटे की सहायता से निकाला जाता है और चिमटे की सहायता से ही धोया और काटा जाता है। इसके बाद इसे पकाया जाता है औऱ साग की तरह इसकी सब्जी बनाई जाती है। बर्फ के दिनों में तो यह बहुत ही कारगर सिद्ध होती है क्योंकि यह शरीर को गर्म रखती है। इसे खासकर चिल्लड़ू व भटुरु के साथ खाया जाता है। अक्सर लोग इसे मक्खन और घी के साथ खाते हैं।

पहाड़ों में बिच्छू बूटी का प्रयोग पुराने जमाने से ही करते आए हैं क्योंकि बर्फ में कोई सब्जी नहीं मिलती थी तो लोग सब्जी (Vegetable) के रूप में इसका प्रयोग करते थे। इसे खासकर लोहे की कढ़ाई में ही बनाया जाता है क्योंकि इसमें आयरन होता है। जिसको पेशाब बंद हो या कम आता हो उनके लिए यह दवाई का काम करता है। यह बीपी कंट्रोल करती है और हार्ट के लिए बहुत अच्छी होती है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी यह पौधा बहुत अच्छा है। इससे गर्भवती महिलाओं का दूध ज्यादा बनता है। यह हड्डियां मजबूत करती है।

विदेशों में होती है खेती

हिमाचल के पहाड़ों में यह अपने आप पैदा होती है। उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप और एशिया में इसकी खेती की जाती है। यह विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सक्षम है। शरीर में जितनी भी विषैले तत्व है उसे ये बाहर निकाल देती है। बिच्छू बूटी में विटामिन सी और आयरन की मात्रा बहुत अधिक होती है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। ये एनीमिया और थकान को भी दूर करती है।

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