Covid-19 Update

2,27,684
मामले (हिमाचल)
2,23,093
मरीज ठीक हुए
3,838
मौत
34,656,822
मामले (भारत)
267,534,822
मामले (दुनिया)

कोटा में जा रही बच्चों की जान; CM बोले- CAA से ध्यान हटाने के लिए उठाया जा रहा मुद्दा

कोटा में जा रही बच्चों की जान; CM बोले- CAA से ध्यान हटाने के लिए उठाया जा रहा मुद्दा

- Advertisement -

जयपुर। कांग्रेस शासित राजस्थान (Rajasthan) के कोटा स्थित के एक अस्पताल में मासूम लगातार दम तोड़ रहे हैं। वहीं यह मसला उठाने पर सूबे के सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) का कहना है कि जिस प्रकार से मामले को मीडिया में चलाया गया है उसमें कोई दम नहीं है। पिछले 5 साल में सबसे कम आंकड़े अब आ रहे हैं। गहलोत के अनुसार नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूरे देश में जो माहौल बना हुआ है, उससे ध्यान हटाने के लिए इस मुद्दे को उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल शिशुओं की मौत के आंकड़ों में पिछले कुछ सालों की तुलना में काफी कमी आई है। बता दें कि कोटा के जेके लोन अस्पताल में नवजात बच्‍चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है।

इस अस्पताल में इलाज कराते हुए अब तक 104 बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं इस मामले की जांच के लिए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Dr Harshvardhan) ने एक उच्‍चस्‍तरीय टीम का गठन किया है। इसमें एम्‍स जोधपुर के विशेषज्ञ डॉक्‍टर, हेल्‍थ फाइनेंस ऐंड रीजनल डायरेक्‍टर और जयपुर हेल्‍थ सर्विस के लोग शामिल होंगे। यह टीम शुक्रवार को कोटा स्थित जेके लोन सरकारी अस्‍पताल पहुंचेगी।

डॉ हर्षवर्धन ने बच्‍चों की मौत को लेकर राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र भी लिखा है। चिट्ठी में उन्‍होंने बच्‍चों की मौत रोकने संबंधी हर सहायता उपलब्‍ध कराने का आश्‍वासन दिया है। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, ‘मैंने सीएम अशोक गहलोत को जानकारी दे दी है कि 2019 से 2020 के बीच नैशनल हेल्थ मिशन के माध्यम से जेके लोन अस्पताल को 91.7 लाख रुपए आवंटित किया गया है। राजस्थान के लिए आवंटित बजट 1788.97 करोड़ रुपए में से केवल कोटा को ही 27.45 करोड़ रुपए दे दिए गए हैं।’

- Advertisement -

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App


विशेष \ लाइफ मंत्रा


Himachal Abhi Abhi E-Paper



सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है