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किसानों के उत्पादन पर बिचौलियों की तानाशाही होगी खत्म, #Krishi_Bill बदलेगा किसानों की तकदीर

वीरेंद्र कंवर ने कृषि बिल पर जताया केंद्र का आभार

किसानों के उत्पादन पर बिचौलियों की तानाशाही होगी खत्म, #Krishi_Bill बदलेगा किसानों की तकदीर

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ऊना। हिमाचल प्रदेश के किसानों (Farmers) के उत्पादों का फायदा अब बिचौलिए (Middlemen) नहीं उठा पाएंगे। केंद्र द्वारा लाए गए कृषि बिल से किसानों की तकदीर बदल जाएगी। यह बात हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर (Agriculture Minister Virender Kanwar) ने मंगलवार को ऊना में कही। उन्होंने कृषि बिल की तारीफ करते हुए इस बिल को लाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और संसद का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले किसानों के उत्पादन का फायदा बिचौलिया उठाते थे। किसानों के उत्पादों का मुनाफा बिचौलियों की जेब में जाता था और किसानों को आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्याओं के लिए मजबूर होना पड़ता था।

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पीएम नरेंद्र मोदी ने किसानों को अपनी संस्थाएं और यूनियने बनाने का भी अधिकार दिया है। इसके अलावा उन्हें अपने उत्पादों को देश भर में कहीं भी बेचने का भी अधिकार दिया। अपने उत्पाद (Production) बेचने के लिए किसानों को किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं देना पड़ेगा, कोई भी आढ़त उन्हें नहीं चुकानी पड़ेगी। कृषि बिल में केंद्र सरकार (Center Govt) ने इन तमाम तथ्यों का प्रावधान किया है। इस बिल में सबसे बड़ी किसान हितैषी बात यह है कि जो भी किसानों के उत्पादन को खरीदेगा उसे 3 दिन के भीतर उसके पैसे किसानों को चुकाने होंगे।

वीरेंद्र कंवर ने कांग्रेस सहित अन्य दलों पर बोला हमला

कंवर ने कहा कि आज केंद्र के इस फैसले का कांग्रेस (Congress) और अन्य विपक्षी दल विरोध जता रहे हैं। उन्हें इसमें किसानों का हित कहीं भी दिखाई नहीं दे रहा है। उन्हें केवल बिचौलियों के हित ही नजर आ रहे हैं। देश के किसानों के लिए सबसे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि पूरा विपक्ष आज भी बिचौलियों के साथ खड़ा नजर आ रहा है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि जो समर्थन मूल्य किसानों को मिलता आया है वह आगे भी मिलता रहेगा। इस बार भी सब्जियों और रबी फसलों का जो समर्थन मूल्य रहा है उसे जारी कर दिया गया है। सरकार के इस निर्णय के मुताबिक एपीएमसी अपना काम करती रहेगी। किसान चाहे तो अपना उत्पाद एपीएमसी (APMC) को बेचें। यदि किसान को लगता है कि उसे अपने उत्पाद का अधिक मूल्य कहीं और मिल रहा है तो वह अपने उत्पाद को वहां पर भेज सकता है। विपक्ष का यह विरोध पूरी तरह से अनावश्यक है।

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