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विवेक शर्मा बोले- मछलियां पकड़ने का टेंडर कंपनी को देकर मछुआरों के पेट पर मारी लात

कल कांग्रेस लठियाणा बाजार में बोलेगी हल्ला, होगा जोरदार प्रदर्शन

विवेक शर्मा बोले- मछलियां पकड़ने का टेंडर कंपनी को देकर मछुआरों के पेट पर मारी लात

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ऊना। गोबिंद सागर झील (Gobind Sagar Lake) से मछली पकड़ने का ठेका किसी एक कंपनी को देकर मत्स्य मंत्री वीरेंद्र कंवर (Fisheries Minister Virender Kanwar) ने मछुआरों के पेट पर लात मारने वाला काम किया है। यह बात कुटलैहड़ कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष विवेक शर्मा विक्कू (Block President Vivek Sharma Vikku) ने कही। विक्कू ने कहा कि गोबिंद सागर झील से मछलियां पकड़कर 22 सौ परिवारों का घर चलता था, लेकिन अब एक ग्रुप को इसका टेंडर देकर मछुआरों की रोजी-रोटी छीन ली है। इसके विरोध में कल यानी 24 मार्च को कांग्रेस पार्टी उपमंडल बंगाणा के लठियाणी बाजार में कंपनी को टेंडर (Tender) देने और पेयजल समस्या को लेकर प्रदर्शन करेगी। विवेक शर्मा विक्कू ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार कभी भी अपने फैसलों पर स्थिर नहीं रही। आए दिन अपने ही फैसलों से पलटना सरकार की आदत बन चुकी है, जिस कारण प्रदेश की जनता हर समय भ्रम की स्थिति में रहती है।


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विवेक कुमार ने कहा कि हिमाचल सरकार (Himachal Govt) ने जितने भी फैसले अपने इस कार्यकाल में लिए हैं। उनमें शायद ही कोई ऐसा फैसला हो जिसपर सरकार टिकी रह सकी हो। सरकार ने हर बार अपने फैसलों को बदलकर जहां अपनी जग हंसाई करवाई है, वहीं जनता को भी हर समय भ्रम की स्थिति में रखा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मेलों के आयोजन को लेकर सरकार ने पहले इन पर रोक लगा दी और फिर नियम शर्तों के आधार पर मेलों को इजाजत दे दी। इतना ही नहीं इसके बाद सरकार फिर अपने फैसले से पलटी और 25 मार्च के बाद प्रशासनिक इजाजत के उपरांत मेलों के आयोजन को हरी झंडी दे दी।

विवेक कुमार ने कहा कि मेलों के दौरान रेहड़ी-फड़ी लगाकर सामान बेचने वालों की रोजी रोटी कैसे चलेगी, इस बारे भी सरकार ने जरा भी चिंतन नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेलों के दौरान हजारों लोग छोटी-छोटी दुकानें लगाकर अपने परिवार के लिए रोजी रोटी का जुगाड़ करते हैं। अब इन परिवारों का गुजारा कैसे होगा, यह चिंता का विषय है, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान ही नहीं है। इसके अलावा मेलों के दौरान कोविड (Covid-19) जैसी खतरनाक बीमारी से बचने के लिए क्या पुख्ता उपाय किए गए हैं, सरकार को इस बारे में भी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

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