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भूस्खलन से चंडीगढ़-मनाली हाईवे बंद, शिमला में 12 साल बाद फरवरी में भारी बर्फबारी

भूस्खलन से चंडीगढ़-मनाली हाईवे बंद, शिमला में 12 साल बाद फरवरी में भारी बर्फबारी

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शिमला/कुल्लू/चंबा। लगातार बारिश और भूस्खलन से चंडीगढ़-मनाली (Chandigarh manali) का हाईवे बुधवार को बंद हो गया। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण बड़ी संख्या में वाहन रास्ते में फंसे हुए हैं। उधर, शिमला (Shimla) में 12 साल के बाद फरवरी में हुई बर्फबारी ने ठिठुरन तेज कर दी है। राज्य के 6 इलाकों में पारा जमाव बिंदु से नीचे चला गया है। बर्फबारी के कारण पांगी (Pangi) में रास्ते बंद होने से लोगों की परेशानी अभी तक दूर नहीं हुई है।

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मनाली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर पतलीकुहल के समीप बुधवार को 16 मील नामक जगह पर पहाड़ी से मलबा आ गिरा। रास्ता बंद होने से जाम में फंसे पर्यटकों (Tourists) का कहना है कि वे करीब चार घंटे से फंसे हुए हैं। उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक मौसम खराब है, जिसके चलते लोगों को अलर्ट जारी कर दिया है। राजधानी शिमला में 12 साल बाद ऐसी बर्फबारी हुई। इससे पहले वर्ष 2007 में बर्फबारी हुई थी, जिस दौरान 113 सेंटीमीटर बर्फ पड़ी थी।


केलांग में पारा माइनस 11 डिग्री

मौसम विभाग से मिली जानकरी के मुताबिक जनजातीय जिला किन्नौर, लाहुल-स्पीति, चंबा, मनाली सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बुधवार को बर्फबारी हुई। जिस कारण पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में आ गया है। लाहुल-स्पीति के केलांग (Keylong) का न्यूनतम तापमान माइनस 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला माइनस 1.4, कल्पा माइनस 6.0, मनाली माइनस 1.0, डलहौजी माइनस 2.0 और कुफरी का न्यूनतम तापमान माइनस 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने दो और तीन मार्च को फिर से बर्फबारी और बारिश की चेतावनी जारी कर दी गई है।

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पांगी को जोड़ने वाली सड़क से नहीं हटी बर्फ

पांगी को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क पर अभी तक बर्फ नहीं हटाई गई है। इससे कणु नाला से संसारी नाला हिलूटवान्न से सुराल से शौर से किलाड़ तक का सफर लोगो को पैदल ही तय करना पड़ता है। स्थानीय निवासी सतीश, सुरेन्द्र, केदार नाथ, रबेल सिंह, सुनी राम का कहना है कि पांगी के हर पंचायत को मुख्यालय से राष्ट्रीय मार्ग जोड़ता है। जिससे आज तक एक बार भी बर्फ हटा कर लोगो को सुबिधा उपलब्ध करवाने का प्रयास नहीं किया गया।

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