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गुरुजी की राह ताक रहे बच्चे पर भू-स्खलन ने रोकी राह

गुरुजी की राह ताक रहे बच्चे पर भू-स्खलन ने रोकी राह

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Landslide : धर्मशाला। जिला कांगड़ा के बैजनाथ उपमंडल में बड़ा भंगाल के स्कूल में शिक्षकों के न पहुंचने में भू-स्खलन बाधा बन हुआ है। खराब मौसम के कारण यह बाधा आगामी कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। रास्ते में लगातार भू-स्खलन होने से शिक्षक बड़ा भंगाल नहीं पहुंच पा रहे हैं। बड़ा भंगाल जाने का दूसरा रास्ता भी कठिन है और वहां से जाने में भी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी। रास्ते के संबंध में एसडीएम बैजनाथ ने तहसीलदार और पंचायत से रिपोर्ट भी मांगी थी। इसमें से तहसीलदार की रिपोर्ट एसडीएम को मिल गई है, जबकि पंचायत की रिपोर्ट जल्द मिलने की उम्मीद है। तहसीलदार से प्राप्त रिपोर्ट में कहा गया है कि बड़ा भंगाल जाने वाले मार्ग पर लगातार भू-स्खलन हो रहा है। इसलिए आवाजाही के लिए यह मार्ग सुरक्षित नहीं है। वहीं एक अन्य वैकल्पिक रास्ता भी है जो कि जोखिम भरा है।

Landslide : अगले आदेश तक बीड़ में रुकेंगे शिक्षक

इस बारे में एसडीएम बैजनाथ सुनयना शर्मा का कहना है कि तहसीलदार की रिपोर्ट मिल गई है, जिसके बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक को अवगत करवा दिया गया है।


बड़ा भंगाल पंचायत की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। एसडीएम ने उम्मीद जताई कि आज शाम तक पंचायत की रिपोर्ट मिल जाएगी। वहीं इस बारे में उच्च शिक्षा उपनिदेशक जिला कांगड़ा केके गुप्ता का कहना है कि एसडीएम बैजनाथ ने उन्हें तहसीलदार की रिपोर्ट से अवगत करवा दिया है। रास्ते में लगातार भू-स्खलन हो रहा है और ऐसे में अध्यापकों को उस रास्ते से जाने के निर्देश नहीं दिए जा सकते। इसलिए अभी तक अध्यापकों को बीड़ में ही रुकने को कहा गया है। शिक्षा विभाग बैजनाथ प्रशासन से संपर्क बनाए हुए है। गुप्ता का कहना है कि इस बारे में वह अपने उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवा देंगे और जिस तरह के निर्देश मिलेंगे, उनपर अमल किया जाएगा।

बड़ा भंगाल के बच्चों को बीड़ में है स्कूल की व्यवस्था

गौरतलब है कि बर्फबारी से प्रभावित बड़ा भंगाल के लोग अक्टूबर-नवंबर माह में बीड़ का रुख करते हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए बीड़ में स्कूल की व्यवस्था की गई है, जहां बड़ा भंगाल से आने वाले बच्चों की पढ़ाई होती है। 5 मई के बाद बच्चों के परिवार बड़ा भंगाल के लिए प्रस्थान कर जाते हैं, जिसके चलते इस बार भी बच्चे अपने अभिभावकों के साथ बड़ा भंगाल पहुंच चुके हैं,

लेकिन रास्ता खराब होने के चलते शिक्षक अभी तक बड़ा भंगाल नहीं पहुंच पाए हैं। पहले बड़ा भंगाल पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया था कि रास्ता खराब है, लेकिन जब बच्चे अभिभावकों सहित बड़ा भंगाल पहुंच गए तो पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया कि शिक्षक क्यों नहीं पहुंच रहे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने अध्यापकों को बड़ा भंगाल जाने के निर्देश तो दिए थे मगर यह भी कहा था कि अध्यापक सुनिश्चित कर लें कि रास्ता सही है या नहीं। इसपर अध्यापकों ने एसडीएम बैजनाथ से मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई थी जिसपर एसडीएम ने उक्त रिपोर्ट मंगवाई थी।

खतरों से खाली नहीं बड़ा भंगाल का रास्ता
प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़ा भंगाल को जाने के लिए दो रास्ते हैं, एक थमसर पास जो कि देरी से खुलता है और वर्तमान में लोग होली-न्याग्रां मार्ग से आ-जा रहे हैं। होली-न्याग्रां वाला रास्ता स्लाइडिंग जोन है, जिसका एक किलोमीटर एरिया काफी खतरनाक है। इस मार्ग से जाते समय पूर्व में भी दो मौतें हो चुकी हैं।

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