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Arunachal में शहीद राजगढ़ के अंचित शर्मा को नम आंखों से दी अंतिम विदाई

अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर शहीद हुआ था 22 साल का अर्चित

Arunachal में शहीद  राजगढ़ के अंचित शर्मा को नम आंखों से दी अंतिम विदाई

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नाहन। अरुणाचल (Arunachal)में मात्र 22 साल की उम्र में शहादत का जाम पीने वाले हिमाचल के लाल अंचित शर्मा का राजगढ़ की टालिया पंचायत के धार पजेरा गांव में अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान हजारों लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद को उसके पिता राजेश शर्मा ने मुखाग्नि दी।  प्रदेश सरकार की ओर से सांसद सुरेश कश्यप व पच्छाद की विधायक रीना कश्यप अंतिम यात्रा में शामिल हुए। जबकि पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री जीआर मुसाफिर ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों में डीएसपी राजगढ़ भीष्म ठाकुर व एसडीएम नरेंद्र वर्मा मौजूद रहे।


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इससे पहले शहीद (Martyred) की पार्थिव देह को अरुणाचल प्रदेश के डिब्रूगढ़ से पहले दिल्ली लाया गया। शहीद की पार्थिव देह शुक्रवार को चंडीगढ़ (Chandigarh)पहुंच गई थी और शनिवार सुबह सड़क मार्ग से सोलन होते हुए उनका शव पैतृक गांव पहुंचा। राजगढ़ में हजारों लोगों ने अर्चित शर्मा अमर रहे के नारे लगाए।वहां से शहीद की पार्थिव देह को उनके गांव लाया गया। जहां पर लोगों ने शहीद को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। शहीद की पार्थिव देह घर पहुंचते ही उनकी मां अचेत हो गई। शहीद का राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। सैन्य टुकड़ी ने हवा में गोलियां दाग कर अंतिम सलामी दी।


 

24 नवंबर शाम के समय अंचित शर्मा शहीद हो गया था। बताया जा रहा है कि 21 डोगरा यूनिट के जवान अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर माजा पोस्ट से जिलेमा पोस्ट की तरफ जा रहे थे। इसी बीच ऑपरेशन में सिपाही अंचित शर्मा देश पर कुर्बान हो गया। 24 अक्टूबर को ही अंचित शर्मा छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटा था। शनिवार सुबह जैसे ही शहीद की पार्थिव राजगढ़ शहर में पहुंची, तो अंचित शर्मा अमर रहे व वंदे मातरम से पूरा राजगढ़ गंूज उठा। युवाओं के साथ काफी लोग शहीद की पार्थिव देेेेह के काफिले में उसके घर धार पंजेरा पहुंची। शहीद बेटे को देखते ही माता-पिता, दादा-दादी व बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। करीब 1 घंटे तक शहीद की पार्थिव देह को घर पर रखा गया, उसके बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया गया। इस दौरान शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए राजगढ़ व आसपास के क्षेत्रोंं से सैंकड़ों की संख्या में लोग मौजूद हुए।

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