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दिवाली पर आपने मुझे पलंग गिफ्ट किया था..

दिवाली पर आपने मुझे पलंग गिफ्ट किया था..

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दिवाली पर आपने मुझे पलंग गिफ्ट किया था..

रंगीली (अपने पति से)- सुनोजी, पिछली दिवाली पर आपने मुझे लोहे का पलंग गिफ्ट किया था,
तो इस बार क्या करने का इरादा है?
रंगीला- सोच रहा हूं इस बार उस पलंग में करंट छोड़ दूं ताकि मेरी दिवाली शुभ हो जाए।

 

 

 

 

 

 

 

दिवाली से पहले एक महत्वपूर्ण संदेश….

दिवाली की साफ.सफाई से पहले ही गर्लफ्रैंड और बॉयफ्रैंड द्वारा दिए गए
फोटो, प्रेमपत्र, उपहार या कोई अन्य चीजें याद करके घर से बाहर निकाल दें।
अन्यथा घर की सफाई करते समय यह आपके माता-पिता या पत्नी को मिल सकता है
और इस अवस्था में आपके घर में दिवाली से पहले ही बम-पटाखे की आतिशबाजी हो सकती है।

 

 

 

 

 

 

 

पति-पत्नी और खाली बोतल…

पत्नी- आपने तो कहा था कि दिवाली के दिनों में शराब बिलकुल नहीं पिएंगे?
पति- हां, हां कहा था, लेकिन रॉकेट चलाने के लिए खाली बोतल तो चाहिए ना!

 

 

 

 

 


चांद-सितारों की डिमांड…

रमन (अपने दोस्त से)- अगर इस दिवाली पर तुम्हारी गर्लफ्रैंड तुमसे चांद-सितारों की डिमांड करती है
तो? इतना कहकर रमन चुप हो गया।
तभी चमन बोला- तो एक रॉकेट खरीदकर,
उसे उस पर बिठाकर रॉकेट को आग लगा दो…।

 

 

 

 

 

 

बुरा न मानो दिवाली है!…

चिंटू- एक बार ‘बुरा न मानो होली है!’ यह कहकर किसी ने मुझ पर रंग फेंक दिया था…।
पिंटू- फिर तुमने क्या किया?
चिंटू- ‘बुरा न मानो दिवाली है!’ यह कहकर मैंने उस पर ‘बम’ फेंक दिया। आज पूरा मोहल्ला मुझे ढूंढ रहा है…!

 

 

 

 

 

 

मीठी-नमकीन अफवाह…

चमन (अपने दोस्त रमन से)- यदि तुम्हारी प्रेमिका
खूबसूरत, समझदार, ध्यान रखने वाली, कभी न जलने वाली
और अच्छे मसालेदार और रसीले मीठे पकवान बनाने वाली हो तो
तुम उसे क्या नाम दोगे?
रमन- मीठी-नमकीन रसीली अफवाह!

 

 

 

 

 

 

 

मेरे पास ‘मा…’ है….

घोंचू- ‘मेरे पास रॉकेट हैं, पटाखे हैं, अनार हैं, चकरी हैं, बम हैं, तुम्हारे पास क्या भला है?
पोंचू- ‘मेरे पास?’
मेरे पास ‘मा…’
चीस है।
अगर लगा दूंगा सभी पे तो कुछ भी नहीं बचेगा…।

 

 

 

 

 

 

दिवाली की रंगबाजी….

रोशन- ओए चमन, तू दरवाजे पर इतनी हड़बड़ी में कलर क्यों पोत रहा है, यार?
चमन- वो क्या है कि मेरे पास कलर कम है और मुझे डर है कि कहीं खत्म न हो जाए।

 

 

 

 

 

 

 

पटाखों की दुकान….

बेटा (अपनी मां से)- मां, दिवाली आने वाली है। इस बार मैं पटाखे इस दुकान से लूंगा।
मां- नालायक, ये पटाखों की दुकान नहीं, लड़कियों का हॉस्टल है।
लड़का- मुझे क्या पता? एक दिन पापा कह रहे थे कि यहां एक से एक धांसू और रंगीले पटाखे हैं।

 

 

 

 

 

 

जब कोई पटाखा थोडा सा जलकर फुस्स हो जाता है तो…

उसे पैर से कुचल कर कुछ लोग ऐसे फील लेते है

जैसे टाइम बम defuse करके दुनिया को बचा लिया हो!

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