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Himachal: प्रदेश में बढ़ी कंपकंपी: किसानों के खिले चेहरे, नगदी फसलों को भी मिली संजीवनी

Himachal: प्रदेश में बढ़ी कंपकंपी: किसानों के खिले चेहरे, नगदी फसलों को भी मिली संजीवनी

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शिमला। हिमाचल प्रदेश बीते रोज से हो रही बारिश और बर्फबारी ने जहां पूरे प्रदेश को ठंड के आगोश में ले लिया है। वहीं, यह बारिश (Rain) और बर्फबारी (Snowfall) किसानों के लिए वरदान मानी जा रही है। तीन माह के बाद झमाझाम बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। सबसे ज्यादा चंगर क्षेत्र के किसान इस बारिश से खुश हैं। जो अब अपने खेतों को जोत सकेंगे। मौजूदा समय में लहसुन, अदरक व अन्य नगदी फसलों (Cash crops) के साथ-साथ सब्जियां पानी के बिना तरस रही थीं। अब इन फसलों को संजीवनी मिली है। बारिश व बर्फबारी के बाद किसान (Farmer) खुश नजर आ रहे हैं। लंबे समय बाद फसलों को संजीवनी मिली तो सूखी ठंड से भी लोगों को निजात मिली। पिछले लंबे समय से लोग इस बारिश का इंतजार कर रहे थे। तकरीबन ढाई से तीन माह के अंतराल के बाद सिरमौर (Sirmaur) में हिमपात व बारिश से लोगों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्र में रविवार रात्रि से रुक-रुक कर बारिश व बर्फबारी का दौर जारी है। सोमवार को भी ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई।

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बता दें कि अभी तक किसान रबी की फसल की बिजाई का कार्य शुरू नहीं कर पाए थे। वहीं, दूसरी नगदी फसलों को भी बिना बारिश के काफी नुकसान हुआ। इस बार मटर की फसल कम होने से दामों में भारी उछाल आया है। आलू का उत्पादन कम होने से भी दाम आसमान छू रहे हैं। सिरमौर के 70 फीसदी किसान आज भी इंद्रदेव के रहमोकरम पर हैं। महज 30 फीसदी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से अन्य किसानों को बिजाई के लेकर फसलों के तैयार होने तक बारिश पर ही निर्भर रहना पड़ता है। बहरहाल, सिरमौर में अच्छी बारिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। जिला सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी से शीतलहर बढ़ गई है। रविवार रात से जिले के ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है। चूड़धार, नौहराधार, हरिपुरधार आदि क्षेत्रों में हिमपात होने से निचले इलाकों में कंपकंपी बढ़ गई है। पूरा सिरमौर शीतलहर की चपेट में आ गया है। जिले के समतल इलाकों में भी जमकर बारिश हुई।

 

बर्फ के आगोश में बड़ा भंगाल, शेष दुनिया से कटा

धौलाधार पर्वत श्रृंखला में इस मौसम की हुई पहली बर्फबारी के साथ जहां जिला कांगड़ा सहित प्रदेश के कई हिस्सों में शीत लहर दौड़ गई है। वहीं बैजनाथ उपमंडल के बड़ा भंगाल का रास्ता भी बर्फबारी के कारण फिलहाल बंद हो गया है। बड़ा भंगाल के लिए वाया बिलिंग होकर जाने वाले रास्ते में थमसर ग्लेशियर में काफी बर्फबारी हुई है। ऐसे में इस रास्ते से संपर्क संभव नहीं हो पाएगा। हालांकि वाया चंबा हो कर पैदल रास्ता कुछ दिनों तक बहाल होने की उम्मीद है। ताजा बर्फबारी के बाद अब यह घाटी 6 महीनों के लिए पूरी तरह से कट जाएगी। हालांकि यदि मौसम कुछ दिन तक ठीक रहता हैए तो यह ताजा बर्फबारी पिघल जाएगी। इससे यह रास्ता कुछ दिन और खुल सकता है।

 

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कांगड़ा जिला के किसान अब बीज पाएंगे गेहूं की फसल

जिला कांगड़ा के चंगर क्षेत्र के किसान इस बारिश के बाद अब अपनी गेंहू की फसल (Wheat crop) बीज पाएंगे। बारशि होने से इन किसानों ने राहत की सांस ली है। बारिश से सिंचाई की समस्या समाप्त हो गई है। वहीं अन्य सब्जियां आदि लगा सकेंगे। जिला कांगड़ा के चंगर क्षेत्र ज्वालामुखीए, देहरा, खुंडिया, लगडू, बडोह रक्कड़,ए कोहाला, लंज, हारचक्कियां आदि में किसान अपने खेतों को बीज सकेंगे। जिन किसानों ने सप्ताह भर पहले बिजाई की है उनकी गेहूं के लिए भी बारिश अमृत समान है।

 

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