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J&K: प्रशासन ने 2 ज़िलों को छोड़कर 4G इंटरनेट पर #Ban 12 नवंबर तक बढ़ाया

यह प्रतिबंध देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने के लिए जरूरी

J&K: प्रशासन ने 2 ज़िलों को छोड़कर 4G इंटरनेट पर #Ban 12 नवंबर तक बढ़ाया

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श्रीनगर। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के प्रशासन ने 2 ज़िलों को छोड़कर पूरे केंद्रशासित प्रदेश में हाई-स्पीड 4जी इंटरनेट सेवा (High-Speed 4G Internet Service) पर जारी प्रतिबंध 12 नवंबर तक बढ़ा दिया है। ये दो जिले गांदेरबल और उधमपुर हैं। प्रमुख सचिव गृह विभाग द्वारा बुधवार को जारी एक आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित की गई विशेष समिति ने सुरक्षा और अन्य आवश्यक एजेंसियों के साथ विमर्श के बाद यह पाया कि टूजी सेवा से कोविड से निपटने, बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा नहीं पहुंच रही। इसके अलावा सुरक्षा से जुड़े मामलों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल यह प्रतिबंध आवश्यक है। प्रधान सचिव ने कहा कि युवाओं को गुमराह करने के लिए इनके संगठन डेटा का दुरुपयोग कर सकते हैं। इसलिए 3जी, 4जी मोबाइल इंटरनेट की उपलब्धता पर प्रतिबंध पूर्ववत जारी रखा जाए। इसके बाद, सरकार ने आदेश दिया कि गांदरबल और उधमपुर जिलों में हाई स्पीड मोबाइल डेटा की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, जबकि अन्य जिलों में यह गति केवल 2जी तक ही सीमित रहेगी।

आतंकियों के लिए सीमांत इलाकों में टावर बढ़ा रहा पाकिस्तान!

वहीं, दूसरी तरफ केंद्र शासित प्रदेश में 4G इंटरनेट पर लगी पाबंदी के बीच पाकिस्तान की तरफ से अपने सीमांत इलाकों में मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। आशंका जताई गई है कि इन टावर्स का सिग्नल स्ट्रॉन्ग किया जा रहा है ताकि इस तरफ सक्रिय आतंकी, तस्कर तथा सहयोगियों को मदद मिल सके। वे कश्मीर में रहते हुए पाकिस्तानी कंपनियों के मोबाइल फोन चला सकें और सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में ना आ सके। गौरतलब है कि 4जी नेटवर्क के बंद होने से आतंकी नेटवर्क पूरी तरह से ठप्प हो गया है। इसके अलावा आतंकी जब मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते है तो वह भारतीय एजेंसियों के रडार पर आ जाते हैं। उनके नंबर्स भी सर्विलेंस पर आ जाते हैं। इस वजह से पाकिस्तान अपनी सीमा में ही रहकर आतंकियों की मदद करने में जुटा हुआ है।

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