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प्रदर्शन का 50वां दिनः ग्रामीण भी डटे, पर पता नहीं क्यों ठेका ना हटे

आखिर ग्रामीणों की मांग पर क्यों नहीं किया जा रहा गौर

प्रदर्शन का 50वां दिनः ग्रामीण भी डटे, पर पता नहीं क्यों ठेका ना हटे

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लंज। जिला कांगड़ा (Kangra) के लंज के नजदीक कतियाला में खोले गए शराब के ठेके (Liquor Shop) का विरोध 50वें दिन भी जारी है। महिलाओं ने आज भी शराब के ठेके के बाहर बैठकर ढोलकी और चिमटे से भजन-कीर्तन किया। साथ ही ठेका हटाने के लिए नारेबाजी की। महिलाओं सहित ग्रामीण ठेका हटाने की जिद्द पर अड़े हुए हैं और प्रदर्शन पर डटे हुए हैं, लेकिन अब तक ठेके को हटाया नहीं गया है। अब सवाल यह है कि आखिर महिलाओं सहित ग्रामीणों की मांग को क्यों नहीं माना जा रहा है और ठेके को क्यों नहीं हटाया जा रहा है। क्या विभाग ठेके पर तोड़फोड़ का इंतजार कर रहा है। हालांकि, कुछ दिन पहले देहरा (Dehra) विधानसभा क्षेत्र के विधायक (MLA) होशियार सिंह भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने लोगों की समस्या को सुना था। साथ ही विभाग को जल्द इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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ग्रामीणों के मुताबिक उक्त ठेके को यहां से शिफ्ट करने के लिए एक्साइज विभाग (Excise Department) ने विधायक के सामने 10 दिन का टाइम मांगा था, लेकिन 10 दिन पूरे होने के बाद भी ठेके को यहां से शिफ्ट नहीं किया गया। ग्रामीणों के अनुसार 6 सितंबर को यहां पर अचानक ठेका खोल दिया गया, जिसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने पहुंच कर उक्त ठेके को बंद करवाया गया, लेकिन अगले दिन भी ठेकेदार ने ठेके को जबरदस्ती खोल दिया। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल डीसी कांगड़ा से धर्मशाला में मिला तथा डीसी ने भी ठेके को यहां से शिफ्ट करने का आश्वासन दिया था।

 

उक्त ठेके के खुलने से आने-जाने वाली राहगीर महिलाओं और कुछ दूरी पर बने पंचायत भवन में जाने वाले आम लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। क्योंकि जब से यहां ठेका खुला है, तब से शराबियों का जमघट सारा दिन लगा रहता है, जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को मुश्किलें पैदा हो रही है। विरोध में उतरे लोगों ने कहा है कि अगर यही हाल रहा तो मजबूरन उन्हें कोर्ट (Court) का दरवाजा खटकाना पड़ेगा। साथ ही अगर ठेके पर कोई तोड़फोड़ होती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और विभाग की होगी।

 

 

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