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बंजार हादसा: प्रशासन की कड़ाई पड़ी छात्रों पर भारी, बस स्टैंड पर रोईं स्कूली छात्राएं 

ओवरलोडिंग के चलते बस से उतारीं स्कूली छात्राएं, बारिश में भीगते पैदल घर पहुंची

बंजार हादसा: प्रशासन की कड़ाई पड़ी छात्रों पर भारी, बस स्टैंड पर रोईं स्कूली छात्राएं 

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कुल्लू। बंजार हादसे (Badger accident) के बाद सरकार और प्रशासन का शर्मसार करने वाला चेहरा सामने आया है। जिला के लगभग सभी स्कूलों के बसों में सफर करने वाले छात्रों (Student) को भारी बारिश (Rain) में बसों से उतारा गया। ओवरलोडिंग पर की जा रही सख्ती का खमियाजा इन छात्रों को भुगतना पड़ा है। जिला भर में स्कूली छात्रों को भारी बारिश के बीच बसों से उतारने और उन्‍हें घर तक पहुंचाने की व्‍यवस्‍था न करने की खबर ने परिवहन व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। चालान के डर से बसों में एक भी अतिरिक्त सवारी को बिठाया नहीं जा रहा है। उचित व्यवस्था किए बिना जारी किए गए इस सरकारी फरमान की सबसे अधिक मार स्कूली छात्रों पर पड़ी है।


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जिला के आनी, निरमंड, बंजार, कुल्लू और मनाली उपमंडल के सभी इलाकों में एक सा व्यवहार देखने को मिला है। सोमवार को हुई भारी बारिश में नन्हे बच्चों को बारिश में भिगते हुए पैदल घर जाते हुए देखा गया। इस पर अभिभावकों ने रोष प्रकट किया है। सैंज, बंजार, मौहल, मंगलौर आदि इलाकों में कई बच्चों को कई किमी पैदल चलकर घर पहुंचना पड़ा। छात्र रमेश कुमार, दवेंद्र शर्मा, हरि कृष्ण, मोहीनी, रेखा, पियूश ने बताया कि उन्हें बस से इसलिए उतारा गया क्योंकि बस (Bus) में सभी सीटें भर चुकी थीं और वे रोजना की तरह गैलरी में खडे़ थे। इस पर कंडक्टर ने कहा कि जो भी सवारियां खड़ी हैं, वे उतर जाएं। छात्रों ने कहा कि कोई दूसरा विकल्प न होने के कारण उन्हें भारी बारिश में पैदल ही घर जाना पड़ रहा है।

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वहीं अभिभावकों आलम चंद, धर्म चंद, दौलत राम, खेम चंद, राम लाल ने बताया कि सरकार और प्रशासन को सख्ती करने से पहले यात्रियों के लिए उचित व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि वे ओवरलोडिंग पर की जा रही सख्ती के खिलाफ नहीं है। बल्कि व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहे हैं।

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उन्‍होंने कहा कि जब ओवरलोडिंग (Overloading) बस गिरती है, तब भी जनता ही पिसती है और जब सरकार सख्‍ती पर उतारू होती है, तब भी जनता को ही परेशान होना पड़ता है। अधिकारी और सरकारी मशीनरी अपनी खाल बचाने को सख्‍ती का ड्रामा तो करते हैं, मगर समस्‍या की जड़ तक पहुंचने की जहमत नहीं उठाते। उधर, उपायुक्त कुल्लू रिचा वर्मा ने कहा कि वाहनों में ओवरलोडिंग किसी भी हाल में नहीं होने दी जाएगी। स्कूली छात्रों आवाजाही के लिए अतिरिक्‍त परिवहन व्‍यवस्‍था को उच्चाधिकारियों की राय मांगी गई है।

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