पेरेंट्स की टेंशन कम करेगा ये ऐप, बच्चों में आई कैंसर का आसानी से पता लगाएगा

फोटो स्कैनिंग के दौरान देगा प्रारंभिक लक्षणों की जानकारी

पेरेंट्स की टेंशन कम करेगा ये ऐप, बच्चों में आई कैंसर का आसानी से पता लगाएगा

- Advertisement -

टेक्नोलॉजी ने हमारा काम दिन-प्रतिदिन आसान कर दिया है। आज के समय में छोटी-छोटी बीमारियों का पता तो ऐप (App) से ही लगाया जा सकता है। अब ऐसा ही एक और आपके काम का ऐप वैज्ञानिकों ने बनाया है। इस ऐप की मदद से आप छोटे बच्चों में आई कैंसर का पता बहुत ही आसानी से लगा सकते हैं। एक स्टडी के अनुसार इस ऐप का उपयोग पेरेंट्स अपने बच्चों की फोटो स्कैन करने के लिए कर सकते हैं। बच्चे की फोटो स्कैनिंग (Photo scanning) के दौरान यह ऐप उन प्रारंभिक लक्षणों की जांच कर जानकारी दे देगा, जिनसे भविष्य में बच्चे को आई कैंसर का खतरा होने की आशंका के बारे में पता चलता है। इतना ही नहीं, आई कैंसर के अतिरिक्त दूसरी आई प्रॉब्लम्स से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी भी इस ऐप के जरिए प्राप्त की जा सकती है।

इस ऐप के जरिए रेटिनोब्लास्टोमा, जो आई कैंसर का एक रेयर लेकिन बहुत ही घातक रूप है, के बारे में भी बता देता है। जर्नल साइंस अडवांसेज में प्रकाशित स्टडी में ऐप का नाम CRADLE (ComputeR Assisted Detector LEukocoia) बताया गया है। यह ऐप आंखों के रेटिना से निकलने वाले एबनॉर्मल रिफ्लैक्शन, जिसे ल्यूकॉकोरिया या वाइट आई के नाम से जाना जाता है, को स्कैन कर लेता है। यह आंखों से जुड़ी कई बीमारियों का प्रारंभिक लक्षण है, जिनमें रेटिनोब्लास्टोमा भी शामिल है। यह रिसर्च अमेरिका में बायलर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने की है। इनका मकसद ल्यूकोकोरिया को स्कैन करने के लिए एक ऐसी प्रभावी टेक्नीक डिवेलप करना था, जिसके जरिए पैरंट्स लगातार अपने बच्चों की जांच कर सकें ताकि बच्चे तरह-तरह की आई डिजीज से सुरक्षित रह सकें।


यह भी पढ़ें – फर्नीचर के आकार में पौधे उगा रहा है यूके का दंपति, उगाईं 250 कुर्सियां

इस ऐप का परीक्षण करने के लिए शोधकर्ताओं ने बच्चों के 50 हजार से अधिक फटॉग्राफ्स को स्कैन किया और उनकी आंखों के रेटिना की जांच की। जिन बच्चों के फोटोज में आई डिसऑर्डर पाया गया उनमें से 80 प्रतिशत बच्चों को ल्यूकॉकोरिया की समस्या थी। खास बात यह रही कि इस ऐप ने जिन बच्चों में आंखों से संबंधित बीमारी की खोज की उनकी फोटोज उन्हें क्लिनिकल ट्रीटमेंट मिलने से करीब 1.3 साल पहले खींची गईं थी। यानी यह बात साफ है कि जब तक हम लोग खुद से यह बात जान पाएं कि बच्चे को आंखों से संबंधित को परेशानी हो रही है और उसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए CRADLE इस बीमारी के बारे में इसके शुरुआती लक्षणों को बच्चे के फोटो से जांचकर ही बता देगा।

हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें …. 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

कुल्लू में रावण का वध, लंका दहन के प्रतीक के तौर पर जलाई झाड़ियां

हिमाचल: एक बार फिर सताएगा मौसम, जाने कब होगी बारिश

आतंकी आलर्टः  चक्की दरिया के साथ लगते क्षेत्र का चप्पा-चप्पा छाना

अंग्रेजी इम्प्रूवमेंट परीक्षा का पेपर आउट ऑफ सिलेबस, परीक्षार्थियों ने किया बहिष्कार

अर्थशास्त्र में इस भारतीय मूल के अर्थशास्त्री समेत तीन को मिला नोबेल, जानें

तीन जिला के युवाओं के लिए मंडी में होगी सेना भर्ती, आवेदन को सिर्फ तीन दिन बाकी

शांता बोले-बिरादरी के नाम पर वोट नहीं मांग रही बीजेपी, इन्वेस्टर मीट पर कही यह बात

कांग्रेस बोली-बिंदल, महेंद्र सिंह के प्रचार पर रोक न लगाई तो राष्ट्रपति से होगी शिकायत

Breaking : देवी-देवताओं का नजराना पांच फीसदी, बजंतरियों का 15 फीसदी बढ़ा और भी बहुत कुछ, पढ़ें

सत्ती ने मुकेश को धर्मशाला के विकास पर पढ़ा दी पूरी की पूरी किताब

जयसिंहपुर में टैक्सी हादसे का हुई शिकार,चालक की मौत

होटल में चल रहा था कसीनो, पुलिस ने छापेमारी कर 11 लाख रुपए और सामान के साथ पकड़े 50 लोग

करवा चौथ पर हिमाचल आओगे, पर्यटन निगम मुफ्त में देगा पूजा की थाली-सरगी

फिर गायब हुआ सेब की पेटियों से लदा ट्रक

सौरव गांगुली होंगे बीसीसीआई के नए अध्यक्ष !

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

Himachal Abhi Abhi E-Paper




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है