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राहत: अब सड़कों पर नहीं दिखेंगे लावारिस पशु, विभाग चलाएगा विशेष अभियान

राहत: अब सड़कों पर नहीं दिखेंगे लावारिस पशु, विभाग चलाएगा विशेष अभियान

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ऊना। प्रदेश भर में फैले लावारिस पशु ( Unclaimed Animals) जहां लोगों के लिए एक विकराल समस्या बनते जा रहे हैं, वहीं यह किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही लोगों पर भी हमले कर उन्हें चोटिल कर देते हैं। लेकिन जिला ऊना (Una) में लोगों को अब इससे राहत मिलने वाली है।

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पंचायती राज विभाग तथा पशु पालन विभाग अगस्त माह के पहले सप्ताह से इन लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष अभियान (Special campaign) चला रहा है, जिसके निर्देश ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, पशु तथा मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर (Minister Virender Kanwar) ने आज थाना कलां में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान दिए।

पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर का कहना है कि जिला ऊना की सड़कें अब जल्द ही लावारिस पशुओं के आंतक से मुक्त हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान के लिए धन का प्रावधान ज़िला प्रशासन की ओर से किया जाएगा। इस अभियान के तहत सबसे पहले सड़क (Road) पर घूमने वाले बैल पकड़े जाएं, ताकि लोगों को इनके आतंक से छुटकारा मिल सके। इन पशुओं को पकड़कर जिला में पंचायतों द्वारा संचालित गौ सदनों में भेजा जाएगा और वहीं पर इन्हें रखा जाएगा।

पशु पालन विभाग करेगा हॉट स्पॉट की पहचान

बैठक में वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पशु पालन विभाग हॉट स्पॉट की पहचान करेगा, ताकि उन जगहों को पहचाना जा सके, जहां पर लावारिस बैल अकसर दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार हिंसक भी हो जाते हैं, जिसे देखते हुए ट्रैंकुलाइज़र गन (Tranquilizer Gun) का इस्तेमाल भी किया जाएगा ताकि लावारिस बैलों को बेहोश करके गौशालाओं में ले जाया जा सके और किसी कर्मचारी को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।


जल्द सक्रिय रूप से चलेंगी 8 गौशालाएं

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि लावारिस पशुओं की वजह से किसानों की फसलों (Farmers’ crops) को नुकसान पहुंचता है तथा सड़क पर दुर्घटनाएं भी होती हैं। ऐसे में पशुओं को सड़क से हटाने के बाद यह समस्याएं दूर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला में 10 गौशालाएं सक्रिय रूप से काम कर रही हैं तथा जल्द ही 8 और गौशालाओं को चलाने की व्यवस्था कर ली जाएगी। इनके सुचारू रूप से संचालित होने बाद लगभग 1500 लावारिस पशुओं को रखने की व्यवस्था हो जाएगी।

गौशालाओं को संचालन को सरकार दे रही आर्थिक मदद

वीरेंद्र कंवर ने कहा कि गौशालाओं के संचालन के लिए पांच सदस्यों की सोसाइटी का गठन किया जाता है, जिनमें दो सरकारी सदस्य होने चाहिए। गौशालाओं (Gaushalas) के संचालन के लिए सोसाइटियों को प्रदेश सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जाती है।

बिल प्रस्तुत करने पर गौ रक्षा राशि के माध्यम से चारे के लिए 50 प्रतिशत की आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बड़ी गौशालाओं में बैलों को रखने के लिए नंदीशाला बनाने को भी प्रदेश सरकार मदद देती है। जिन गौशालाओं के पास पर्याप्त भूमि है, वह इस दिशा में काम करें।

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