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नाहन मेडिकल कॉलेज से रेफर महिला की 108 में करवाई सफल डिलीवरी

नाहन मेडिकल कॉलेज से रेफर महिला की 108 में करवाई सफल डिलीवरी

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नाहन। जिस महिला को नाहन मेडिकल कॉलेज से चंडीगढ़ स्थित मेडिकल कॉलेज सेक्टर 32 रेफर कर दिया, उस महिला की 108 एबुंलेंस में सफल डिलीवरी करवा दी। यह सफल डिलीवरी किसी विशेषज्ञ डॉक्टर ने नहीं बल्कि 108 एबुलेंस के ईएमटी और पायलट संतोष ने करवाई। ऐसे में नाहन मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठना लाजमी हैं कि मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ डॉक्टर होने के बावजूद महिला को रेफर कर दिया और 108 एबुलेंस के ईएमटी और पायलट ने डिलीवरी करवा दी।

जानकारी के अनुसार नाहन तहसील के विक्रमबाग इलाके की सरोज पत्नी जाहिद को प्रसव पीड़ा के चलते नाहन मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। रात को अचानक तबियत खराब होने के कारण महिला को चंडीगढ़ के हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि महिला के प्लेटलेट्स में कमी आने लगी थी। इसके बाद महिला को 108 एंबुलेंस में रेफर कर दिया।

एंबुलेंस में तैनात ईएमटी जुल्फिकार अली और पायलेट संतोष ने सूझबूझ का परिचय देते हुए रात करीब 2:10 पर मनीमाजरा के समीप हाउसिंग बोर्ड के पास वाहन रोक कर महिला की डिलीवरी करवा दी। महिला ने लड़के को जन्म दिया है। अब दोनों को चंडीगढ़ के हायर सेंटर में भर्ती किया गया है। ईएमटी जुल्फिकार ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। उन्होंने बताया कि महिला में प्लेलेट्स में गिरावट के चलते महिला को नाहन से रेफर किया गया था। मनीमाजरा के पास महिला की सफल डिलीवरी कराई गई है।

क्या हैं प्लेटलेट्स

एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 5 से 6 लीटर खून होता है, जो मुख्यत: तरल पदार्थ, लाल व सफेद रक्त कोशिकाओं के अलावा कई अन्य तत्वों से मिलकर बना होता है, जिनमें प्लेटलेट्स भी शामिल हैं। रेड ब्लड सेल्स पूरे शरीर में ऑक्सीजन को एक से दूसरी जगह ले जाने का काम करती हैं। इससे ही हमारे शरीर को एनर्जी मिलती है। सफेद रक्त कोशिकाएं हमें इन्फेक्शन से लड़ने की ताकत देती हैं। आमतौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति के एक वर्ग मिलीलीटर रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या डेढ़ से चार लाख तक होती है। इनका मुख्य कार्य चोट लगने पर खून के जमने की प्रक्रिया को तेज़ करके ब्लीडिंग को रोकना है। ऐसी स्थिति में हमारे प्लेटलेट्स कॉलेजन नामक द्रव से मिल कर चोट वाली जगह पर एक अस्थायी दीवार का निर्माण करते हैं और रक्तवाहिका नली को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं।

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