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लवी की झलक

लवी की झलक

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मेले और त्योहारों का आम लोगों के जीवन व संस्कृति से गहरा जुड़ाव होता हैं। ये हमारे परिवेश व समाज की एक झलक प्रस्तुत करते हैं। रामपुर बुशहर के लवी मेले ने बेशक पिछली सदियों में कई रंग देखे हो पर इसकी जड़ें भारत तिब्बत के व्यापार से गहरी जुड़ी हुई हैं। सूखे मेवे व ऊनी वस्त्रों का जो कारोबार इस मेले में होता है वह शायद ही कहीं हो पर यह भी सच है कि समय के साथ मेले का रंग ढंग व कारोबार का तौर तरीका भी बदला है। निसंदेह नोटबंदी इस बार लवी मेले पर हावी रही। आधिकारिक तौर पर मेला समाप्त हो गया पर अभी लोगों की खरीददारी तो बाकी है, जो कुछ दिन और चलेगी।

 

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