पीरियड्स अनियमित हैं तो हो जाएं सावधान 

कारणों का पता लगा कर करवाएं इलाज 

पीरियड्स अनियमित हैं तो हो जाएं सावधान 

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हममें से  बहुत सी महिलाएं अनियमित पीरियड्स( Irregular Periods)  की समस्या से जूझती है। पर वे इसे नजरअंदाज भी करती है। यहीं से आगे की कई समस्याओं की शुरुआत हो जाती है।  पीरियड्स महिलाओं में होनेवाली एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, जो गर्भावस्था के साथ-साथ उनकी बेहतर सेहत का भी प्रमाण है। आमतौर पर पीरियड की अवधि तीन से सात दिन के बीच होती है। सामान्य और स्वस्थ पीरियड का अंतराल  25 से 35 दिन का रहता है ,यदि आपका पीरियड दो या तीन महीनों पर आता है, तो आपको तुरंत गायनाकोलॉजिस्ट से मिलकर इस बारे में चर्चा करनी चाहिए। कई बार हम पीरियड्स के मिस होने पर भी इस पर ध्यान नहीं देते।  जिसकी वजह से आगे चलकर कई समस्याएं हो सकती है। जानते हैं अनियमित पीरियड्स के होने वाली समस्याओं के बारे में

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  • अनियमित पीरियड के कारणों का पता लगाकर इसका इलाज किया जाना चाहिए। अनियमित पीरियड में सबसे बुरा होता है, इंटर मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग। यह इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के इस्तेमाल की वजह से हो सकता है। इंटर मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग ( Intermediate bleeding)  की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड किया जाता है, क्योंकि इनमें ओवेरियन सिस्ट से लेकर यूट्रस के घातक कैंसर तक का संकेत छुपा हो सकता है।
  • इसमें कोई शक़ नहीं कि पीरियड्स के दौरान आपको पर्सनल हाइजीन ( Personal hygiene) का ज़्यादा ख़्याल रखना चाहिए। इससे ना केवल आपकी सेहत पर असर पड़ता है, बल्कि आप कई तरह की बीमारी जैसे यूटीआई जैसे इन्फ़ेक्शन्स( Infections) से भी बच सकती हैं।
  • पीरियड्स के दौरान थोड़े-बहुत थक्के यानी मेन्स्ट्रु अल क्लॉट्स निकलना आम है, लेकिन इनकी मात्रा ज़्यादा होना, आकार में बहुत बड़ा होना चिंता का विषय हो सकता है। यह फ़ाइब्रॉइड्स, ट्यूमर इत्यादि होने का संकेत हो सकता है। इसलिए समय रहते ही इसकी जांच कराएं और एक्स्पर्ट की मदद लें।
  • सामान्य पीरियड में पहले या दूसरे दिन दर्द होता है, लेकिन यदि दर्द ज़्यादा है तो यह फ़ाइब्रॉइड्स या इंडोमेट्रियोसिस की वजह से हो सकता है। इंडोमोट्रियोसिस एक ऐसी बीमारी है, जिससे गर्भाशय की बाहरी लाइनिंग के टिशू में असामान्य ग्रोथ होने लगता है। जो सिस्ट या घाव में बदलकर असहनीय दर्द का कारण बन जाता है।
  • बहुत कम ‌ब्लीडिंग होने पर ख़ुश होने के बजाय तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि पीरियड्स के दौरान बेहद कम या ना के बराबर ब्लीडिंग होना होना भी एक समस्या ही है। इसका मतलब यह भी होता है, कि आपके शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा बहुत कम है या आपके शरीर में विटामिन या पोषण की कमी है।

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