मिट्टी की पालकी

मिट्टी की पालकी

- Advertisement -

मौसम जाड़े का था जब नेहा और उसके पड़ोसी रोहित ने हाथ सेंकते हुए अपने गुड्डे-गुड़िया का रिश्ता तय किया था। गुड्डा रोहित का था और गुड़िया नेहा की। कुछ ही दिनों में दोनों तरफ की तैयारियां हो गईं, पर गुड़िया की विदाई करने के लिए पालकी का इंतजाम नहीं हो पाया था। उस दिन स्कूल में बच्चे बहुत जोर-शोर से मिट्टी के खिलौने बना रहे थे। किसी ने खरबूजा बनाया और किसी ने केला और आम। नेहा की गुड़िया की शादी थी इसलिए वह पालकी बनाना चाहती थी पर उससे वह बन नहीं रही थी। कभी पालकी के डंडे टूट जाते और कभी पालकी ही फैल जाती। बहरहाल सारे बच्चे अपने खिलौने बना चुके थे, पर नेहा अभी कुछ नहीं कर पाई थी। छुट्टी हुई तो उदास मन से वह घर वापस आई। मां ने पूछा तो उसने अपनी परेशानी बताई। मां हंसने लगीं।
-तुझे मालूम नहीं कि हमारा नौकर शंभू बहुत अच्छी मूर्तियां बनाता है। वह पानी लाने गया है। अभी आता है तो उससे कह कर बनवा लेना अपनी गुड़िया के लिए। शंभू आया तो नेहा उसके पीछे पड़ गई। काम शुरू हुआ पर शंभू कोई छोटा-मोटा कलाकार तो था नहीं उसने रुई के छोटे टुकड़े किए मिट्टी में मिलाया, आटे की तरह गूंथा और फिर पालकी बनाने लगा। थोड़ी ही देर में एक सुंदर पालकी बन कर तैयार हो गई।
-इसे सूखने देना फिर इस पर रंग कर देंगे। शंभू ने उसे धूप में रख कर कहा।


palkiदो ही दिन में पालकी सूख गई। मां से रंग लेकर शंभू ने उस पर सुंदर चित्र बना दिए। अब वह एक खूबसूरत पालकी बन कर तैयार हो चुकी थी। पर यहां भी एक मुश्किल नेहा के सामने आ गई। दो दिन बाद ही सभी लोग शादी में इलाहाबाद जाने वाले थे और वहां से लौटने से पहले नेहा की गुड़िया की शादी नहीं हो सकती थी। नेहा को डर था कि अगर वह पालकी छोड़ कर गई तो कोई न कोई बच्चा उसे तोड़ ही डालेगा।
-मैं अपनी पालकी लेकर जाऊंगी।
-रख दो घर में कौन इसे लूटे ले रहा है मां गुस्से में थीं।
नेहा वहां से डर कर चली आई। उसने अपनी परेशानी शंभू से कही।
-देखो मां तो इसे ले कर नहीं जाने देंगी, इसलिए छोड़कर ही जाना पड़ेगा।
-मैं इसे लेकर ही जाऊंगी।
-तो ऐसा करो इसे अपने गले में लटका कर चली जाना…कहकर वह अपने काम में लग गया।
नेहा को आइडिया अच्छा लगा। उसने दोनों तरफ मजबूत धागे बांधे और चलने से पहले गले में पहन लिया। छोटी पालकी थी उसकी गुड़िया के साइज की इसलिए उसे ज्यादा भार भी नहीं लगा। जाते वक्त उसने उसे अच्छी तरह स्कार्फ से ढक लिया और सब लोग रेलवे स्टेशन चले गए।
ट्रेन में आधा दिन गुजर गया सबको दोपहर का खाना दिया गया। नेहा के गले में पालकी थी न वह झुक सकती थी न ठीक से खा पा रही थी।
– क्या हुआ है तुझे…? निकाल दे स्कार्फ मां ने खींच कर स्कार्फ निकाल दिया। अब गले में लटकी पालकी सबके सामने थी। नेहा की हालत देख कर मां को भी हंसी आ गई। पापा धीरे से मुस्कुरा कर रह गए। पालकी उसके गले से उतार कर मां ने संभाल कर रख दिया।
-नेहा …बेटे यह आइडिया तुम्हें कहां से मिला …
-शंभू ने कहा था।
-वापस आकर बताती हूं शंभू को मां गुस्से में थीं।
-क्या कहा था उसने …पापा ने पूछा ।
-मैं जिद करने लगी थी कि मैं इसे लेकर ही जाऊंगी तो उसने गुस्से में कहा कि अपने गले में लटका कर चली जाओ।
-देख लिया अपनी लाडली की जिद ..पापा ने मां की ओर देखा और ठहाका मारकर हंस पड़े।
बहरहाल अब नेहा खुश थी कि उसकी गुड़िया की पालकी सुरक्षित थी।

You can check features of actual product through downloading free demo of tick now cisco aws-certified-solutions-architect-professional.

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook. Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

RELATED NEWS

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Top : News

कुल्लू में हमीरपुर नंबर की गाड़ी से 340 ग्राम चरस बरामद, 6 युवक धरे

चंबाः बनीखेत में महिला टीचर ने फंदा लगाकर दी जान, ऊना की थी रहने वाली

कांगड़ा के गगल में घर में लगी आग, लाखों का हुआ नुकसान

आईआईटी प्रशिक्षुओं से बोले राज्यपाल, नौकरी पर न रहें निर्भर, लगाएं उद्योग

First Hand: अध्यक्ष पद से हटने के बाद क्या करेंगे BJP प्रदेशाध्यक्ष सत्ती, स्वयं बता दिया वीडियो में

जामिया के छात्रों का उग्र प्रदर्शन : तीन बसों में लगाई आग, एक कर्मचारी घायल

नागरिकता क़ानून पर पीएम मोदी का बयान, कहा- कपड़े बताते हैं आग लगाने वाले कौन हैं

मनाली गोलीकांड से गुस्साए होमगार्ड जवानों ने किया सुंदरनगर में प्रदर्शन

ओटीआर के आश्वासन के बाद पोस्ट कोड 556 के रिजेक्ट अभ्यर्थियों का धरना समाप्त

सरकारी नौकरी : जल्दी करें हाईकोर्ट में स्टेनो टाइपिस्ट के पदों पर बंपर भर्ती

मौसम ने बदली करवटः राजधानी में हुआ सीजन का दूसरा हिमपात

पुलिस ने 1440 नशीले कैप्सूल के साथ धरा नशा तस्कर

लाखों की ऑनलाइन ठगी के मामले में कुल्लू पुलिस ने झारखंड से पकड़ा शातिर

जूते चुराने की रस्म पर भड़का दूल्हा, घर वालों को कहे अपशब्द, दुल्हन ने तोड़ी शादी

लड़कियों की स्टेट जूनियर हॉकी चैंपियनशिप 20 से,तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

राशिफल

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है