Covid-19 Update

59,118
मामले (हिमाचल)
57,507
मरीज ठीक हुए
984
मौत
11,228,288
मामले (भारत)
117,215,435
मामले (दुनिया)

…और दस मिनट तक रोकनी पड़ी भगवान Raghunath Yatra

…और दस मिनट तक रोकनी पड़ी भगवान Raghunath Yatra

- Advertisement -

कुल्लू। वसंत पंचमी के अवसर पर जहां भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में हजारों लोग पहुंचे। लेकिन कुछ देर के लिए बीच में रथ यात्रा को रोकना पड़ा। कुल्लू के इतिहास में दूसरी बार रथ यात्रा बीच में रुकी है। इस बार रथ यात्रा केबल की तार रथ के छत्र में फंस जाने से रथ को बीच में ही रोकना पड़ा और कड़ी मशक्कत के बाद इस तार को से रथ के छत्र का छुटकारा पाया गया।

इससे पहले एक बार पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह ने दशहरा पर्व के दौरान बीच में ही रथ को दर्शन के लिए रोका था और उन्होंने यात्रा के दौरान ही बीच में रथ रोककर जहां रघुनाथ के दर्शन किए और माथा टेका था। इसके बाद देवसमाज में भारी विवाद हो गया था कि तत्काल सीएम वीरभद्र सिंह ने सत्ता का प्रयोग करते हुए रथ को बीच में ही रोका। यह विवाद कई दिनों तक चला था। लेकिन, इस बार केवल की तार फंस जाने से रथ यात्रा को बीच में रोकना पड़ा। ढालपुर मैदान में लोगों ने जहां कहीं केवल की तारें बिछा रखी हैं, जिस कारण यह घटना घटी। इस बार खास बात यह रही कि भगवान त्रिजुगी नारायण बसंत पंचमी की रथ यात्रा में शरीक हुए।

रघुनाथ जी की निकली भव्य रथयात्रा, हजारों लोगों ने रथ खींच कर कमाया पुण्य

देवभूमि कुल्लू में वसंत पंचमी का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया गया। दशहरा पर्व के बाद एक बार फिर भगवान रघुनाथ जी की पालकी ढालपुर मैदान पहुंची और यहां भगवान रथ में सवार हुए। हजारों लोगों ने रथ को खींच कर पुण्य कमाया और जयघोषों के साथ राम भरत मिलन के गवाह बने। देवभूमि के अधिष्ठाता रघुनाथ जी की रथ यात्रा के साथ सोमवार को वसंतोत्सव का आगाज हुआ।

 कुल्लू में सोमवार को वसंत पंचमी का आगाज होने के साथ ही रघुनाथ की नगरी में भगवान रघुनाथ की होली शुरू हो गई है और आगामी 40 दिनों तक  गुलाल फैंका जाएगा। इसी परंपरा को निभाते हुए सोमवार को मणिकर्ण में वसंत पंचमी का त्योहार बढ़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया।  मणिकर्ण के श्रीराम मंदिर में सुबह सरस्वती पूजा के साथ ही वसंत पंचमी पर्व का शुभारंभ किया गया। वहीं, शाम चार बजे श्रीराम को पालकी में बैठाकर मेला मैदान में लाया गया जहां से रथ में बैठाकर सोरा बेहड़ स्थित वशिष्ट कुंड तक रथयात्रा को ले जाया गया व प्राचीन परंपरा के अनुसार राम भरत मिलाप किया गया। 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है