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बारिश-ओलावृष्टि से Himachal में 33 करोड़ की चपत, किसानों की फसलों के नुकसान का होगा आकलन

बारिश-ओलावृष्टि से Himachal में 33 करोड़ की चपत, किसानों की फसलों के नुकसान का होगा आकलन

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कुल्लू। प्रदेश में भारी बारिश व ओलावृष्टि से 33 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकलन किया गया है जिसको सीएम जयराम ठाकुर (CM Jairam Thakur) ने केंद्र सरकार को प्रेषित किया है। सीएम के दिशा निर्देश पर किसानों की फसलों के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सरकार किसानों के फसलों के नुकसान के लिए आगामी कैबिनेट बैठक में चर्चा करेगी। जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ उनकी भरपाई के लिए केंद्र सरकार के माध्यम से राहत पैकेज की मांग की जाएगी ताकि प्रदेश के किसानों को राहत मिल सके। यह जानकारी कृषि मंत्री डॉ राम लाल मार्कंडेय ने दी. कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 80 प्रतिशत आबादी कृषि व बागवानी पर निर्भर है, इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि किसानों को हर संभव सुविधाएं प्रदान की जाएं।

 


लॉकडाउन के कारण किसानों के उत्पाद मण्डियों तक पहुंचे, पहले ही दिन से इस पर चिंता की गई। जयराम ठाकुर ने लॉकडाउन के कुछ दिन बाद ही कृषि कार्यों को करने की छूट देने का निर्णय लिया और साथ ही तैयार नकदी फसलों को मण्डियों तक पहुंचाने के लिए परमिट जारी करवाए। कृषि कार्यों के दौरान सोशल डिस्टेसिंग मानदण्डों की पालना करने तथा मास्क अथवा फेस कवर का प्रयोग करने के लिए किसानों को प्रेरित किया गया। उत्पादों के विपणन के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए ट्रकों व मालवाहक वाहनों के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर टायर पंक्चर अथवा वाहनों के वर्कशॉप तथा ढाबों को खोलने की अनुमति प्रदान की गई।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते प्रदेश में बड़ी संख्या में किसानों की फसलों को बाजार नहीं मिल पाया और देश में होटल व व्यवसायिक संस्थानों के बंद होने से नुकसान हुआ है। दिल्ली की आजादपुर मण्डी केवल तीन घंटे खुली रहती थी, जिससे हिमाचल प्रदेश से जाने वाली नकदी फसलों को बेचने का समय नहीं मिल पा रहा था। सीएम ने और स्वयं उन्होंने वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से केन्द्रीय कृषि मंत्री से आजादपुर मंडी को चैबीस घंटे खुला रखने का आग्रह किया। आढ़ती भी प्रदेश में नहीं आ रहे थे, क्योंकि उन्हें इसके लिए शिमला में पहले पंजीकरण करवाना पड़ता था। उनके पुराने पंजीकरण का इस साल के लिए सीधे नवीकरण कर दिया गया और उन्हें बड़ी राहत प्रदान की।

विपणन की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए प्रदेश के लिए हैल्पलाईन नम्बर 9418003325 जारी किया गया है जो कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक का मोबाइल नम्बर है। पैसा सीधे उत्पादकों के खातों में हस्तांतरित हो रहा है। मार्कंडेय ने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत पेश आती है तो वह सीधे उनके मोबाइल नम्बर 7018466821 पर संपर्क कर सकते हैं। वह हर समय किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों-बागवानों से भारत सरकार द्वारा तेयार की गई ‘किसान रथ ऐप’ को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करने का आग्रह किया है। ऐप की विशेषता पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐप के साथ 5.70 लाख ट्रक, 20 हजार ट्रैक्टर तथा 14 हजार वाणिज्यिक केन्द्रों का पंजीकरण किया गया है। किसी किसान-बागवान को अपने उत्पादों के विपणन के लिए ट्रक की जरूरत पड़े या फिर बीजाई के लिए ट्रैक्टर की अथवा कृषि कार्यों से जुड़े किसी उपकरण की आवश्यक हो, तो सीधे इस ऐप के माध्यम से घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं।

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