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शुगर-मधुमेह से छुटकारा दिलाए मधुमालती

शुगर-मधुमेह से छुटकारा दिलाए मधुमालती

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प्रकृति ने हमें तरह-तरह की वनस्पतियां दी हैं, जो हमारे लिए संजीवनी से कम नहीं। कुछ वनस्पतियां ऐसी है जो देखने में जितनी खूबसूरत हैं उससे ज्यादा उनके फायदे हैं। हम आपको आज ऐसी ही एक वनस्पति के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका नाम है मधुमालती। मधुमालती एक बहुत ही सौम्य प्रकृति का पौधा है जिसकी लताएं कम भूमि और कम पानी में भी अधिक हरियाली प्रदान करती हैं, साथ ही रंग-रंगीले सुंदरफूलों से घर आंगन की शोभा भी बढ़ती है इस कारण इन्हें घरों या कार्यालयों के प्रवेश स्थल, दीवारों के साथ साथ या किनारों पर लगाना बहुत ही उपयोगी रहता है। मधुमालती एक ऐसी लता है जो साल भर हरी रहती है और इस पर लाल, गुलाबी व सफेद रंग के मिश्रित गुच्छों के रूप में फूल आते हैं जिनमें भीनी खुशबू होती है। इसके औषधीय प्रयोग निम्न हैं …


  • शुगर की बीमारी में करेला, खीरा, टमाटर के साथ मधुमालती के फूल डालकर जूस निकालें और सवेरे खाली पेट लें या फिर आप केवल इसकी 5-6 पत्तियों का रस ही लें तो वह भी काम करेगा।
  • पेट दर्द में इसके फूल और पत्तियों का रस लेने से पाचक रस बनने लगते हैं यह बच्चे भी आराम से ले सकते हैं।
  • सर्दी ज़ुकाम के लिए इसका एक ग्राम फूल-पत्ती और एक ग्राम तुलसी का काढ़ा बनाकर पीयें यह किसी भी तरह का नुकसान नहीं करता है ।

  • मधुमालती के फूल और पत्तियों का रस मधुमेह के लिए बहुत अच्छा है इसके फूलों से आयुर्वेद में वसंत कुसुमाकर रस नाम की दवाई बनाई जाती है इसकी 2से 5 ग्राम की मात्रा लेने से शरीर की कमजोरी दूर होती है और हारमोन ठीक हो जाते हैं।
  • यह प्रमेह, प्रदर, पेट दर्द, सर्दी जुकाम और मासिक धर्म आदि सभी समस्याओं का यह समाधान है प्रमेह या प्रदर में इसके 3-4 ग्राम फूलों का रस मिश्री के साथ लेना चाहिए।

  • मधुमालती की डालियां नर्म होती हैं जिन्हें आसानी से काटा-छांटा जा सकता है यह लता बहुत कम देखभाल मांगती है और एक बार जड़ पकड़ लेने के बाद पानी नहीं देने पर भी चलती रहती है। इसकी लताएं वातावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड अवशोषित कर हमें आक्सीजन भी प्रदान करती हैं।
  • इनके पत्ते अपनी सतह पर धूल कण रोक कर हवा में धूल के कणों की मात्रा भी कम करते हैं। ये पत्ते पानी को वाष्पोत्सर्जित करते हैं जिससे हवा का तापमान और सूखापन घटता है इसकी लताएं घनी होती हैं इस कारण दीवारों पर भी धूप की मार कम पड़ती है और इसका नतीजा यह है कि घरों का तापमान भी सामान्य बना रहता है।

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