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सीएम पर गुर्राए…अपनों को कहा, धिक्कार है पूर्वजों के बारे में सुनते रहे

सीएम पर गुर्राए…अपनों को कहा, धिक्कार है पूर्वजों के बारे में सुनते रहे

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कुल्लू। बीजेपी विधायक महेश्वर सिंह आज सीएम वीरभद्र सिंह के टिप्पणियों पर खासे तलख दिखे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम वीरभद्र को पहले अपना न्यास ठीक करना होगा। उन्होंने कहा कि सीएम की कुर्सी पर बैठे व्यक्ति को अभद्र भाषा का प्रयोग करना शोभा नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की भाषा को वह सहन भी नहीं करेंगे। महेश्वर सिंह का कहना है कि सीएम भगवान रघुनाथ मंदिर मामले का पूरी तरह से राजनीतिकरण कर रहे हैं। बीजेपी विधायक ने कहा कि रघुनाथ मंदिर पर किसी को भी किसी प्रकार की टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं, क्योंकि मामला कोर्ट में चल रहा है। सीएम वीरभद्र सिंह बौखलाहट में अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे है। उन्होंने कहा कि रघुनाथ मंदिर के अधिग्रहण का मामला राजनीति से प्रेरित है, बीती आठ सितंबर को हॉलीलॉज में पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर की अध्यक्षता में गुर पुजारी संघ ने सीएम से बैठक की और उसमें दलित समुदाय के माफीदार देवी-देवताओं के कारदार भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि वहां पर भी सीएम ने देवी-देवता के कारदारों को कहा कि तुम पैसे के लिए देवता बनाया है। महेश्वर सिंह ने कहा कि किसी के पूर्वजों के बारे में घटिया भाषा का प्रयोग करना कहां तक न्याय संगत है। उन्होंने यह भी कहा कि मंच पर बैठे लोगों ने अपने पूर्वजों के बारे में जो कुछ सुना उन लोगों पर भी धिक्कार है। उन्होंने कहा कि मैं तो कभी नहीं कहता कि मैं राजा हूं मेरे पूर्वजों ने अपने आप को भगवान रघुनाथ का गुलाम माना, क्योंकि राजा प्रीतम सिंह ने ताम्रपात्र में यह लिखा है कि मैं रघुनाथ का गुलाम हूं।

cm1याद रहे कि बीते कल सीएम ने बंजार में महेश्वर सिंह के छोटे भाई कर्ण सिंह की मौजूदगी में जनसभा के दौरान महेश्वर सिंह को सलाह देते हुए कहा था कि वह स्वयं कभी भी आम आदमी के कंधे पर पालकियों में नहीं बैठे और कूल्लू के राज घराने को भी इसे समझना चाहिए। समय बदल चुका है और हमें बदलते समय का सम्मान करना चाहिए। रघुनाथ मंदिर न्यास का गठन इसलिए किया गया है, ताकि मंदिर का उपयुक्त ऑडिट किया जा सके तथा इसकी सुरक्षा एवं उचित रख रखाव सुनिश्चित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि भगवान रघुनाथ की मूर्ति को वर्तमान में एक छोटे कक्ष में रखा गया है और उनकी इच्छा है कि भगवान रघुनाथ का एक भव्य मंदिर बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंदिर के अधिग्रहण की कोई मंशा नहीं है, लेकिन सरकार हमेशा ही मंदिर की मरम्मत एवं रख रखाव पर पर्याप्त धनराशि खर्च करने के लिए तत्पर है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि सराहन स्थित भीमाकाली मंदिर के वह स्वयं न्यासी और यह उनकी निजी संपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि महेश्वर सिंह को भी न्यास बनाने के महत्व को समझना चाहिए। उसी से गुस्साए महेश्वर सिंह ने आज यह बातें कहीं हैं।

 

https://youtu.be/RzkITclkm_I

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