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बदले सुरः Mankotia ने गढ़े Modi की शान में कसीदे

बदले सुरः Mankotia ने गढ़े Modi की शान में कसीदे

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कहा, 70 साल बाद आई पहली सरकार, जिसने पूर्व सैनिकों को दिया सम्मान

Major Mankotia: धर्मशाला। कांग्रेस के दिग्गज नेता और हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक लीग के प्रदेशाध्यक्ष मेजर विजय सिंह मानकोटिया ने मोदी सरकार की शान में कसीदे गढ़े हैं। धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार आजादी के 70 वर्ष बाद पहली ऐसी सरकार है, जिसने देश के पूर्व सैनिकों को सम्मान दिया है। चार दशक से पूर्व सैनिक वन रैंक वन पेंशन की मांग करते आ रहे थे।  किसी भी पार्टी की सरकार केंद्र में रही हो, लेकिन इस राष्ट्रव्यापी मांग को लेकर सभी ने पूर्व सैनिकों से विश्वासघात ही किया। हालांकि उन्होंने कहा कि इस बात को राजनीतिक परिदृश्य से न जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि यह पूर्व सैनिकों का मुद्दा है और यह अलग है।

Major Mankotia: पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को किया नया जीवन प्रदान

मानकोटिया ने कहा कि पूर्व सैनिक मोदी सरकार का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने पूर्व सैनिकों की 4 दशक पुरानी मांग को पूरा करके, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को नया जीवन प्रदान किया है। पीएम ने ओआरओपी की राशि 4 किश्तों में जारी करने का वादा किया था, जिसमें से तीन किश्तें अधिकतर पूर्व सैनिकों ओर उनके परिवारों तक पहुंच गई हैं। मानकोटिया ने कहा कि ओआरओपी में कुछ आंशिक विसंगतियां हैं और उम्मीद है कि केंद्र की एनडीए सरकार उन्हें भी जल्द ठीक करके सबको लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करेगी।


मानकोटिया ने कहा कि प्रदेश पूर्व सैनिक लीग के वार्षिक सम्मेलन में बतौर मुख्यातिथि शामिल हो रहे राज्यपाल आचार्य देवव्रत के माध्यम से, सेना भर्ती में पहाड़ी राज्यों के लिए अलग से भर्ती कोटा देने की मांग केंद्र सरकार से की जाएगी। मानकोटिया ने कहा कि प्रदेश के चारों परमवीर चक्र विजेताओं ओर उनके परिजनों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। अशोक चक्र विजेता मेजर सुधीर वालिया के परिजनों को सम्मानित करने के अलावा कैप्टन सौरभ कालिया के परिजनों को भी सम्मानित किया जाएगा।

मेजर सोमनाथ शर्मा को नहीं मिल पाया सम्मान

पत्रकार वार्ता के दौरान मानकोटिया ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आजाद भारत के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा हिमाचल से संबंधित हैं। 1948 में उन्होंने अदम्य साहस दिखाया था और शहादत का जाम पिया था। देश के पहले परमवीर चक्र विजेता को वो सम्मान देश और प्रदेश में नहीं मिल पाया ,जिसके वह हकदार थे। वह पहले राष्ट्रीय हीरो हैं और युवाओं सहित अन्य देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। मेजर सोमनाथ शर्मा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रस्ताव भी पूर्व सैनिक लीग के सम्मेलन में रखा जाएगा। 

मानकोटिया का कहना है कि वीरभूमि हिमाचल के 940 वीर सैनिकों को उनके साहस के लिए बहादुरी पुरस्कार मिला है। दो घंटे के कार्यक्रम में जबको सम्मानित करना लीग के लिए मुश्किल है इसलिए परमवीर चक्र विजेताओं को ही सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

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