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ऑफिस में भी रह सकते हैं फिट, बोरिंग लाइफस्टाइल में करें कुछ चेंज

ऑफिस में भी रह सकते हैं फिट, बोरिंग लाइफस्टाइल में करें कुछ चेंज

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कामकाजी लोगों का पूरा दिन ऑफिस में कब निकल जाता है पता ही नहीं चलता। थोड़ा बहुत जो समय बचता है वह बाकी घरेलू काम निपटाने में निकल जाता है तो अपनी सेहत के लिए समय कब निकालें ये बड़ा सवाल बन जाता है। काम जितना जरूरी है सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है। हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनकी हेल्प से आप दिनभर ऑफिस में काम करने के बाद भी हेल्दी रह सकते हैं …

छोटे-छोटे ब्रेक हैं जरूरी : आप दिन के 8 या 9 घंटे दफ्तर में बिताते हैं इसलिए जरूरी है कि इसमें थोड़ा सा समय आप अपनी हेल्थ के लिए भी निकालें। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठें न रहें। छोटे वर्कआउट्स कर सकते हैं। डेस्क जॉब वालों के साथ समस्या यह रहती है कि वह घंटों कुर्सी पर बैठे हुए बिताते हैं। इसकी वजह से कंधों में दर्द, सर्वाइकल और स्पाइन संबंधी परेशानी हो सकती हैं। आपको ये दिक्कतें न हों इसके लिए जरूरी है कि बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें। कुर्सी पर बैठकर की जा सकने वाली स्ट्रैचिंग करने से आप इनसे बच सकते हैं।

आसपास की हवा को रखें फ्रेश : काम की जगह पर सेहत और मूड दोनों फ्रेश रहें इसलिए जरूरी है कि आप साफ वातावरण में सांस लें। साफ-हवादार वातावरण में काम करने से क्रिएटिविटी भी बढ़ती है और आउटपुट भी बेहतर आता है। वर्कप्लेस पर आप एयर प्यूरिफायर लगा सकते हैं या डेस्क पर रखे जाने वाले पौधे इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा एयर प्यूरिफायर की तरह काम करने वाले इनडोर प्लांट्स अपने वर्कस्टेशन के लगाना फायदेमंद रहेगा।

स्टैंडिंग वर्कस्टेशन बेस्ट ऑपशन : आजकल ऑफिस में स्टैंडिंग वर्कस्टेशन बनाने का ट्रेंड भी चला है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने की वजह से कंधों के दर्द, कमरदर्द अब आम परेशानी बन चुका है। बीन बैग्स पर बैठकर रिलेक्श पोजिशन में काम करने के साथ-साथ अब स्टैंडिंग वर्कस्टेशन भी इस समस्या को दूर कर सकते हैं। कुछ समय कुर्सी पर बैठकर काम करना और फिर कुछ देर स्टैंडिंग वर्कस्टेशन पर काम करने से एक पोस्चर में बैठे रहने से बचा जा सकेगा और हेल्थ प्रॉब्लम भी नहीं होगी।

पॉजिटिव माहौल है जरूरी : वर्कप्लेस सिर्फ काम करने की जगह नहीं होता। कर्मचारी रिलैक्स फील करें इसलिए लिए ऑफिस में आजकल जिम, लाइब्रेरी, पूल टेबल, रिलैक्सिंग एरिया भी बनाया जाने लगा है। इसकी वजह है कि ऑफिस आने पर लोग बोझिल महसूस न करें। माइंड, बॉडी और वर्क में बैलेंस बनाना ही ज़ेन फिलॉसफी है और इससे पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह होता है। अगर आपके आसपास का माहौल पॉजिटिव है तो सक्सेस भी आपसे ज्यादा दूर नहीं रहती।

वर्कस्टेशन को रखें साफ-सुथरा : अपने वर्कस्टेशन को पर्सनलाइज करें। ब्राइट कलर से पेंट करें और आसपास की चीजों को सलीके से रखें। फैला हुआ वर्कस्टेशन देखकर नेगेटिव एनर्जी आती है, वहीं साफ-सुथरा वर्कस्टेशन काम के उत्साह बढ़ाता है। वर्कस्टेशन को निजी चीजों तस्वीरों, शो-पीस वगैरह से सजाकर रखने से न सिर्फ आप इमोशनली अटैच फील करते हैं बल्कि यह आपको पॉजिटिव एनर्जी भी देता है। अपने वर्कप्लेस के आसपास हरे-भरे पौधे लगाने से तरोताजा महसूस होता है।

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