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तो यहां हैं मिट्टी की बहुमंजिली इमारतें

तो यहां हैं मिट्टी की बहुमंजिली इमारतें

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क्या आप ऐसे शहर के बारे में जानते हैं, जहीं मिट्टी की गगन चुंबी इमारतें बनी हो। अगर नहीं तो हम आप को बता रहे हैं ऐसे शहर के बारे में जहां सभी इमारतें, भवन मिट्टी के बने हैं। यह शहर है यमन के शिबम। इसे मैनहट्टन ऑफ डेजर्ट भी कहा जाता है। यहां की खासियत यह है कि यहां पर गगन चुंबी इमारतें  मिट्टी की बनी हुई हैं। हम सभी ने मिट्टी के घर या झोपड़ियां देखें हैं।
सीमेंट और लोहे के इस दौर में ऐसी इमारतें भी हैं जो पूरी तरह से मिट्टी से बनी हैं। ऐसी इमारतें जो मिट्टी की होने के बाद भी सर्दी, गर्मी और बारिश में जस की तस बनी रहती हैं। मध्‍य पूर्वी देश यमन के शिबम शहर को रेगिस्‍तान का मैनहट्टन कहा जाता है क्‍योंकि यहां एक नहीं कई गगन चुम्‍बी इमारतें हैं और खास बात यह है कि ये सभी मिट्टी की बनी हुई हैं। गौरतलब है कि दुबई मैनहट्टन और हांगकांग को ऊंची इमारतों के लिए जाना जाता है पर यमन के इस शहर को मैनहट्टन का नाम एक खास वजह से मिला है क्‍योंकि यहां एक नहीं कई गगन चुम्‍बी इमारतें हैं और खास बात यह है कि ये सभी मिट्टी की बनी हुई हैं।
तकरीबन सोलहवीं शताब्‍दी में बनी ये इमारतें अपने आप में आश्‍चर्य हैं। जानकारों के मुताबिक 1530 में यहां आई भयानक बाढ़ के चलते यह शहर पूरी तरह से नष्‍ट हो गया था। बाद में यहां इन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण मिट्‌टी से किया गया। यहां ऐसी  लगभग 500 से ज्यादा इमारतें हैं। इनमें कुछ पांच मंजिला हैं, तो कुछ 11 मंजिला तक। ये इमारतें दूर से दिन में और  रात में भी अपनी रोशनी से जगमगाती काफी सुंदर दिखाई देती हैं। सुनहरी, सफेद करीने से झांकती इनकी खिड़कियां इन्‍हें बहुत ही खूबसूरत शक्‍ल देती हैं।
इन इमारतों को यूनेस्‍को ने विश्‍व धरोहर के रूप में संरक्षित किया है। इन्हें सोलहवीं सदी में मिट्‌टी से प्राचीन पद्धति से बनाया गया था। यही कारण है कि इन इमारतों का इतिहास से गहरा नाता जुड़ा है। वर्तमान में यहां तकरीबन सात हजार लोग रहते हैं। यमन से एशिया, अफ्रीका और यूरोप जाने वाले मार्ग के बीच बसे इस शहर में पशुपालन मुख्य व्यवसाय है। बारिश या तेज हवाओं से अगर इन्हें नुकसान हो भी जाता है, तो लोग  मिट्‌टी लगाकर उनका सुधार कर लेते हैं।

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