Covid-19 Update

1,58,472
मामले (हिमाचल)
1,20,661
मरीज ठीक हुए
2282
मौत
24,684,077
मामले (भारत)
163,215,601
मामले (दुनिया)
×

Pranab Mukherjee की किताब में खुलासा : 2014 में #Congress की हार के लिए Manmohan-Sonia जिम्मेदार

पूर्व राष्ट्रपति निधन से पहले संस्मरण द प्रेसिडेंशियल इयर्स लिख चुके थे

Pranab Mukherjee की किताब में खुलासा : 2014 में #Congress की हार के लिए Manmohan-Sonia जिम्मेदार

- Advertisement -

नई दिल्ली। संकट के दौर से गुजर रही कांग्रेस के लिए पूर्व राष्ट्रपति (Former President) प्रणव मुखर्जी की किताब द प्रेसिडेंशियल इयर्स एक बड़े झटके का काम करने वाली है। इस किताब में कांग्रेस के पतन को लेकर कई खुलासे किए गए हैं। अगले वर्ष बाजार में आने वाली इस किताब में 2014 में कांग्रेस को मिली हार के कारणों का विश्लेषण किया गया है। इसमें हार के लिए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह (Former PM Manmohan Singh) व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Congress President Sonia Gandhi) को जिम्मेदार ठहराया (Held responsible for the Defeat) गया है। किताब में की गई टिप्पणियों से विवाद खड़ा होने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। किताब में पश्चिम बंगाल के एक गांव से देश के राष्ट्रपति भवन (West Bengal to the Rashtrapati Bhavan) तक के उनके सफर के बारे में बताया गया है साथ ही कांग्रेस के पतन और पार्टी में उपजे मतभेदों पर भी गहराई से लिखा गया है।


 


 

पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी (Pranab Mukherjee) निधन से पहले संस्मरण द प्रेसिडेंशियल इयर्स (The Presidential Years) लिख चुके थे। रूपा प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह किताब (Book) जनवरी, 2021 से पाठकों के लिए उपलब्ध होगी। अपनी किताब में मुखर्जी ने लिखा है, कांग्रेस के कुछ सदस्यों का यह मानना था कि यदि 2004 में वह पीएम बनते तो 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने आगे लिखा है कि हालांकि, इस राय से मैं इत्तेफाक नहीं रखता, मैं यह मानता हूं कि मेरे राष्ट्रपति बनने के बाद पार्टी नेतृत्व ने राजनीतिक दिशा खो दी। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी के मामलों को संभालने में असमर्थ थीं तो मनमोहन सिंह की सदन से लंबी अनुपस्थिति के चलते सांसदों के साथ किसी भी व्यक्तिगत संपर्क पर विराम लग गया। मुखर्जी ने अपनी किताब में लिखा है, मेरा मानना है कि शासन करने का नैतिक अधिकार पीएम के साथ निहित है, राष्ट्र की समग्र स्थिति पीएम और उनके प्रशासन के कामकाज को प्रतिबिंबित करती है। जबकि मनमोहन सिंह को गठबंधन को बचाने की सलाह दी गई थी, वे गठबंधन को सहेजने के बारे में सोचते थे और इसका असर सरकार पर भी दिखता था। अब देखना होगा कि इस किताब पर मचने वाला बवाल किस दिशा में जाता है।

 

हिमाचल की ताजा अपडेट Live देखने के लिए Subscribe करें आपका अपना हिमाचल अभी अभी Youtube Channel 

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है