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संसद में जयचंद, जुमलाजीवी, तानाशाह, तुर्रम खां जैसे कई शब्द हुए अब बैन

50 पेज की इस रिपोर्ट में ऐसे कई शब्दों और वाक्यों को शामिल किया गया है

संसद में जयचंद, जुमलाजीवी, तानाशाह, तुर्रम खां जैसे कई शब्द हुए अब बैन

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नई दिल्ली। जयचंद, जुमलाजीवी, तानाशाह, दलाल, बाल बुद्धि सांसद, संवेदनहीन, खरीद फरोख्त, कटमनी, कमीना, करप्शन, तुर्रम खां, गुंडागर्दी और गुंडों की सरकार जैसे शब्दों का इस्तेमाल अब सांसद सभा में नहीं कर पाएंगे। संसद के दोनों सदनों – लोक सभा और राज्य सभा में इस तरह के शब्दों के इस्तेमाल को असंसदीय माना गया है और सदन में गलत बर्ताव करार देते हुए इन्हें सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा। इसका तात्पर्य यह है कि अगर कोई सांसद चर्चा या हंगामे के दौरान असंसदीय घोषित किए गए शब्दों का इस्तेमाल करता है तो उस हिस्से को सदन की कार्यवाही से निकाल दिया जाएगा। लोक सभा सचिवालय ने ‘असंसदीय शब्द 2021’ शीर्षक के तहत ऐसे शब्दों और वाक्यों की विस्तृत सूची तैयार की है जिन्हे संसद की कार्यवाही के उपयुक्त नहीं पाए जाने की वजह से असंसदीय शब्दों और वाक्यों की सूची में रखा गया है। 50 पेज की इस रिपोर्ट में ऐसे शब्दों और वाक्यों को शामिल किया गया है जिन्हे लोक सभा, राज्य सभा और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं द्वारा वर्ष 2021 में सदन की कार्यवाही के दौरान असंसदीय घोषित किया गया था।

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अहंकार, अहम, कटमनी, करप्शन, कान पकड़ना, काला, काला बाजारी, क्रूर, गद्दार, गांजा पीना, गुंडो के अड्डे बने, गुल खिलाना, गून्स, चपरासी, चरस पीना, चांडाल, चिलम पीना, चीरहरण, चोर, कोयला चोर, गोरुचोर, चौकड़ी, चांडाल चौकड़ी, जयचंद, जुमलाजीवी, झूठ, कोरा झूठ, झूठ का पुलिंदे, झूठे, सफेद झूठ, डंडा, डाका, डिक्टोरियल, डॉन्किज, तानाशाह, दलाल, दलाली, दलालों, दोगली, दोहरा चरित्र, धज्जियां उड़ाना, धोखेबाज, निकम्मा, नौटंकी, पिट्ठू, फुलिश, बलात्कार, बाल बुद्धि सांसद, बेगैरत, बेवकूफ, भक्षक, भीख, भ्रष्टाचार में लिप्त, लात मारना, लॉलीपॉप, विश्वासघात, व्यभिचार, शकुनी, शर्मनाक, संवेदनहीन, सांड, सीना जोरी, सैक्सुअल हैरेसमेंट, हड़पना, हत्या, हत्यारी, अपमान, काला दिन, काला सत्र, खरीद फरोख्त, खून से खेती, छल, तानाशाही, दंगा, दादागिरी, धोखा, नंगा, पागलपन, मिर्ची लगना और षडयंत्र जैसे शब्दों को असंसदीय या अमर्यादित घोषित किया गया है।

असंसदीय शब्दों या वाक्यों की सूची में विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं द्वारा वर्ष 2021 में सदन की कार्यवाही के दौरान असंसदीय घोषित किए गए शब्दों या वाक्यों को भी शामिल किया गया है। वर्ष 2021 के दौरान, छत्तीसगढ़ विधान सभा द्वारा असंसदीय घोषित किए गए अंट-शंट, अंधा बांटे रेवड़ी चीन्ह के देय, अक्षम सरकार, अवसाद, अवसादग्रस्त, आदिवासी, उचक्के, उल्टा चोर कोतवाल को डांटे, कुकर्म, कूवत, कोचिया, खालिस्तानी, खुजाल, गधा, गरियाना, गिद्ध ²ष्टि, गिरगिट, गुंडा, गुलछर्रा, घड़ियाली आंसू, घास छीलना, घिग्घी बंधना, चोर-चोर मौसेरे भाई, छलना, झूठ, ठग, ठगना, ढिंढोरा पीटना, थर्ड जेंडर, दादागिरी, दारू बांटना, दीनता, दीनहीन, दुल्हा डउका, घोखाधड़ी, धोखेबाज सरकार, नाटक, नौटंकी, पतली कमर, पागल, पाप, महापाप, पाप धोना, पापों को धोना, बंदरबांट, बहरी, बेकार, बेचारा, बेचारे प्रवक्ता, बेलगाम, बेशर्म, बॉबकट, बॉबकट हेयरकट, गुंडा मवाली, मिलीभगत, मिर्ची लग गई क्या, रंग बदलना, राक्षसी बहुमत, रावण भक्त, लंद-फंद, लफंगे, लाचार, लुच्चे, लूटना, लूटना-खसोटना, शराब बांटना, शर्म, शर्मनाक, सांप, दोमुंहा सांप, लोकतंत्र की हत्या, हाथी के दांत और हैसियत जैसे शब्दों और वाक्यों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।

राजस्थान विधान सभा द्वारा घोषित असंसदीय – अनपढ़, पागल आदमी, अनर्गल, असत्य, कत्ल, कांव-कांव करना, तड़ीपार, तुर्रम खां, निकम्मा, निकम्मापन, भ्रष्टाचार, मवाली, विनाश पुरुष और झारखंड विधान सभा द्वारा घोषित असंसदीय- कई घाट का पानी पीना एवं ठेंगा दिखाना जैसे शब्दों और वाक्यों को भी इस लिस्ट में शामिल किय गया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश विधान सभा द्वारा असंसदीय घोषित किए गए – गुंडागर्दी और गुंडों की सरकार को भी इसमें शामिल किया गया है।

असंसदीय शब्दों और वाक्यों की सूची में अंग्रेजी के शब्दों और वाक्यों को भी शामिल किया गया है। एब्यूजड, अशेम्ड, ब्रिटेयल, चीटेड, ट्रेटर, रबिश, स्नेकचार्मर, टाउट, चमचा, चीट, करप्ट, कोविड स्प्रेडर, कावर्ड, क्रिमिनल, डंप, बीटेन विद शू, ब्लडशेड, डंकी, माफिया, आईवॉश, फेक, फाल्स, फ्रॉड, हैक, किकआउट और लॉयर के अलावा अंग्रेजी भाषा के कई शब्दों और वाक्यों को असंसदीय करार दिया गया है।

आपको बता दें कि संसदीय कार्यवाही के नियमानुसार, अगर अध्यक्ष के आसन पर बैठे पीठासीन अधिकारी को यह लगता है कि किसी ऐसे शब्द या वाक्य का इस्तेमाल किया गया है जो संसदीय परंपरा के अनुकुल नहीं है तो वो उसे असंसदीय घोषित करते हुए सदन की कार्यवाही और रिकार्ड से हटाने का आदेश दे सकते हैं।

–आईएएनएस

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