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शहीद संजय कुमार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

शहीद संजय कुमार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

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 Martyr Sanjay Kumar Funeral : धर्मशाला। छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में शहीद हुए एएसआई संजय कुमार का आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। 15 वर्षीय भतीजे सूर्या ने मुखाग्नि दी। शहीद संजय कुमार की पार्थिव देह करीब पौने 6 बजे उनके पेतृक गांव पहुंची और कुछ देर बाद गांव के श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद संजय कुमार की पार्थिव देह से लिपटकर जब उनकी पत्नी व दोनों बेटियां रोई तो हर किसी की आंख नम हो गई।

भतीजे ने शहीद की पार्थिव देह को दी मुखाग्नि

पैतृक गांव चचियां में दी अंतिम विदाई 

वर्ष 1970 में जन्मे सीआरपीएफ के जवान संजय कुमार को पालमपुर के समीप उनके पैतृक गांव चचियां में अंतिम विदाई दी गई।  प्रशासन और सीआरपीएफ के अधिकारियों सहित सैकड़ों लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। शहीद जवान के परिवार में उनके पिता राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, माता शकुंतला देवी, पत्नी अंकिता और दो बेटियां अमिशा और कशिश हैं।


एडीसी डॉ. ऋचा वर्मा, एसपी संजीव गांधी, सीआरपीएफ के डीआईजी प्रताप सिंह, एसडीएम पालमपुर अजीत भारद्वाज, डीएसपी पालमपुर विकास धीमान, डीएसपी कांगड़ा सुरेन्द्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुये और पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अपने शोक संदेश में विधानसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक बृज बिहारी लाल बुटेल, परिवहन मंत्री जीएस बाली, कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा, मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती एवं जगजीवन पाल ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताते हुए शहीद संजय कुमार को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

15 विधायकों में एक भी नहीं पहुंचा श्रद्धांजलि देने

पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा सुबह से ही शहीद संजय कुमार के घर चंचियां में मौजूद थे और अंतिम संस्कार तक वहीं रहे। इसके अलावा कांगड़ा जिला से कोई भी विधायक व मंत्री शहीद को अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचा। वहीं जिला कांगड़ा के 15 विधायकों में जिनमें तीन कैबिनेट मंत्री भी हैं कोई भी शहीद को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचा। इस बात को लेकर भी लोगों में रोष दिखा।

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