Covid-19 Update

2,05,391
मामले (हिमाचल)
2,01,014
मरीज ठीक हुए
3,503
मौत
31,484,605
मामले (भारत)
196,043,557
मामले (दुनिया)
×

मुंह से लिखकर नीट की परीक्षा पास कर पाई एमबीबीएस की सीट, साक्षात्कार में किया रिजेक्ट

मुंह से लिखकर नीट की परीक्षा पास कर पाई एमबीबीएस की सीट, साक्षात्कार में किया रिजेक्ट

- Advertisement -

सुंदरनगर। उपमंडल सुंदरनगर के तहत आने वाली डूगराई पंचायत के रड़ू गांव के निवासी जयराम के पुत्र रजत ने बचपन में एक करंट हादसे से अपनी दोनों बाजू खो दीं। लेकिन यह हादसा उसके इरादों को नहीं तोड़ पाया। पढ़ाई का शौक रखने वाले रजत ने इस हादसे के बाद मुंह से लिखना शुरू कर दिया। उसने इसी जज्बे से पहले मैट्रिक और फिर मेडिकल में जमा दो की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की। रजत ने यह सब परीक्षाएं अपने मुंह में पैन लगाकर पास कीं।

यह भी पढ़ें: हिमाचल में खिली धूप, अब कब होगी बारिश और बर्फबारी-पढ़ें


इसके बाद उसने ऑल इंडिया स्तर की नीट की परीक्षा पास की। इसे पास करने के बाद उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज (Ner Chowk Medical College) में एमबीबीएस डॉक्टर (MBBS) की सीट मिली। परिजन भी इस बात को लेकर खुश थे कि उनका दिव्यांग बेटा डॉक्टर बनेगा। मगर उनके सपने तब टूट गए जब नेरचौक मेडिकल कॉलेज ने दिव्यांग रजत को साक्षात्कार (interview) के बाद मेडिकल में फिजिकल अनफिट का हवाला देकर रिजेक्ट (Reject) कर दिया।

मेडिकल बोर्ड (Medical Board) के अनुसार रजत डॉक्टरी प्रक्रिया के दौरान न कोई दवाई लिख सकता है। न ही डॉक्टरी के औजार चला सकता है तो ऐसे में वह डॉक्टरी के मानदंडों के अनुसार शारीरिक तौर अनफिट होने से डॉक्टरी की पढ़ाई नहीं कर सकता। इसके बाद रजत व्यवस्था के आगे खुद को हारा ही समझ रहा है। उसका कहना है कि जब उसने नीट की परीक्षा पास की थी तो उसे लगा था कि वह दिव्यांग नहीं है। मगर जब सिस्टम ने उसे हर तरफ से रिजेक्ट कर दिया। अब उसने मेडिकल की पढ़ाई छोड़ अब मंडी कॉलेज में आर्ट की पढ़ाई शुरू कर दी है। वहीं रजत ने सरकार से मांग की है कि उनके साथ अन्याय हुआ है उन्हें न्याय दिलाया जाए। नेरचौक मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ रजनीश पठानिया से जब दूरभाष के माध्यम से बात हुई तो उन्होंने कहा कि डॉक्टरी प्रक्रिया के दौरान रजत न कोई दवाई लिख सकता है, न कोई औजार चला सकता है तो ऐसे में वह डॉक्टरी के मानदंडों के अनुसार शारीरिक तौर अनफिट होने से डॉक्टरी की पढ़ाई नहीं कर पाया है।

हिमाचल अभी अभी Mobile App का नया वर्जन अपडेट करने के लिए इस link पर Click करें ….

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है