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हक को हल्लाबोलः आंगनबाड़ी-Mid-Day मिल कर्मचारियों का प्रदर्शन

हक को हल्लाबोलः आंगनबाड़ी-Mid-Day मिल कर्मचारियों का प्रदर्शन

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शिमला। बजट में कटौती और सुविधा के अभाव को लेकर शुक्रवार को प्रदेशभर के आंगनबाड़ी वर्कर्ज हेल्पर्ज और मिड-डे मील कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला गया। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी वर्कर्ज एवं हेल्पर्ज फेडरेशन के आह्वान पर की गई एक दिन की हड़ताल के चलते आज प्रदेश भर की आंगनबाड़ियों में कोई कामकाज नहीं हो पाया। वहीं मिड-डे मील वर्कर्ज के हड़ताल पर जाने कारण न तो बच्चों को खिचड़ी मिल पाई और न ही दूसरा कोई कार्य हुआ।


  • शिमला में जुटे प्रदेशभर के कर्मी,  नहीं बन पाई खिचड़ी
  • केंद्र सरकार के खिलाफ लगाए नारे
  • प्रदेश सरकार से गुहार, वित्तीय लाभ मांगें

अपनी मांगों पर केंद्र सरकार द्वारा ध्यान न देने से नाराज इन कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उनका आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इन योजनाओं को बंद करने का षडयंत्र रच रही है। सिटी नेता विजेंद्र मेहरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक षड्यंत्र के तहत आंगनबाड़ी वर्कर्ज का बजट 18 हजार करोड़ से घटाकर 8 हजार करोड़ कर दिया है, जबकि मिड डे मील का बजट 13 हजार करोड़ से घटाकर 9 हजार करोड़ कर दिया।


उन्होंने मांग की है कि इन कामगारों को वर्कर्ज का दर्जा दिया जाए, ताकि इन्हें वह सभी लाभ मिल सके जो एक दिहाड़ीदार को मिलते हैं। अन्य राज्यों की तर्ज पर अपने स्तर पर इन कार्यकर्ताओं को वित्तीय लाभ दें, ताकि इनके जीवन स्तर में भी सुधार हो सके। आंनबाड़ी वर्कर्ज एवं हेल्पर्ज यूनियन की राज्य अध्यक्ष खीमी भंडारी ने कहा कि 35 वर्ष काम करने के बाद कर्मचारी खाली हाथ घर जा रही हैं। उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार के मानदेय में बढ़ोतरी करनी चाहिए और ग्रेच्युटी व पेंशन का भी प्रावधान करना चाहिए। उनका कहना था कि महाराष्ट्र व हरियाणा में सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष है। पेंशन व ग्रेच्युटी भी दी जा रही है, लेकिन हिमाचल में सिर्फ क्रमशः 3400 रुपए व 1800 रुपए मानदेय दिया जा रहा है। इस महंगाई के दौर में एक आंगनबाड़ी वर्कर्ज एवं हेल्पर्ज कैसे अपने परिवार का गुजारा कर सकती है। ऐसे में उनकी मांग है कि महाराष्ट्र और हरियाणा की तर्ज पर पहल करते हुए न्यूनतम वेतन देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो यूनियन फरवरी या फिर मार्च में फिर से उग्र प्रदर्शन करेगी।

हमीरपुर। आंगनबाड़ी वर्करों ने हमीरपुर बाजार में रोष रैली निकाली और गांधी चौक पर विशाल धरना प्रर्दशन किया। इस अवसर पर काफी संख्या में आंगनबाड़ी वर्करों ने प्रदेश सरकार के विरोध में नारे लगाए। रैली के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर सीमा और रंजना ने बताया कि बहुत ही कम मानेदय दिया जाता है, और काम बहुत ज्यादा लिया जाता है। वहीं सीटू जिला सचिव जोगिंद्र कुमार ने बताया कि राज्य व केंद्र सरकार आंगनबाड़ी वर्करों को न्यूतनम वेतन तक नहीं दे रही है जिससे आंगनबाड़ी वर्करों में गहरा रोष है। 

जोगिंद्रनगर। अपनी मांगों को पूरा करने के लिए सीटू से संबंधित आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स यूनियन, आशा वर्कर्स यूनियन से जुड़ी महिलाओं ने शहर भर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस मौके पर हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव कुशाल भारद्वाज ने उनकी अगुवाई की। आंगनबाड़ी वर्कस ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही एसडीएम के जरिए केंद्र व प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा गया।

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