Covid-19 Update

2,04,887
मामले (हिमाचल)
2,00,481
मरीज ठीक हुए
3,495
मौत
31,329,005
मामले (भारत)
193,701,849
मामले (दुनिया)
×

Nadda बोले, हम भी चल रहे हैं और वो भी…किसी को तो रुकना होगा

Nadda बोले, हम भी चल रहे हैं और वो भी…किसी को तो रुकना होगा

- Advertisement -

धर्मशाला। हम भी चल रहे हैं और टीबी भी, इस हालत में किसी को तो रुकना ही होगा। अब रुकना है तो टीबी रुके हम क्यों रुकें। यह शब्द केंद्रीय स्वास्थ्य Minister JP Naddaने एचपीसीए स्टेडियम के सभागार में आयोजित टीबी मुक्त भारत शिखर सम्मेलन के समापन अवसर पर अपने संबोधन में कहे। नड्डा ने कहा कि पहली बार टीबी को लेकर भारत में इस तरह का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हुआ है और इसका सारा श्रेय सांसद अनुराग ठाकुर को जाता है। नड्डा ने अनुराग ठाकुर को इस तरह का प्रयास करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह एक युवा नेता की सकारात्मक सोच का परिणाम है कि सारी दुनिया को टीबी जैसी घातक बीमारी के बारे में जानने और जागरूक होने का मौका मिलेगा। नड्डा ने टीबी बनाम इंडिया क्रिकेट मैच में भाग लेने आए बॉलीवुड स्टार्स का भी धन्यवाद किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि फ़िल्मी सितारे किसी भी संदेश को बहुत लोगों तक पहुंचाने में सक्षम हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत अभियान से जुड़कर यह फ़िल्मी सितारे टीबी जैसी घातक बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने में सरकार की भरसक मदद करेंगे। जेपी नड्डा ने कहा कि वैश्विक सम्मेलन के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2030 तक दुनिया को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा लेकिन भारत ने इस बीमारी को खत्म करने के लिए 2025 का लक्ष्य निर्धारित किया क्योंकि भारत को अपने प्रयासों और क्षमता पर भरोसा है।

2025 तक भारत बन सकता है टीबी मुक्त देश 

नड्डा ने कहा हम पहले भी एचआईवी एड्स और मलेरिया जैसे रोगों को रोकने और उन्हें कम करने में सफल रहे हैं। अब जरूरत है तो सभी को मिलकर इस दिशा में काम करने की और 2025 तक भारत टीबी मुक्त देश बन सकता है। नड्डा ने कहा कि इससे पहले भी देश में टीबी के खात्मे को लेकर अभियान चलाए गए। आरएनटीसीपी नाम का अभियान इस दिशा में अब तक का सबसे बड़ा अभियान था। इस अभियान के बाद हमने काफी हद तक टीबी को रोकने में सफलता भी हासिल की लेकिन जो कमी उस अभियान में रही अब उसे भी दूर किया जाएगा।नड्डा ने कहा कि टीबी नहीं थमा है तो हमें भी अपनी रणनीति बदलनी होगी। इसलिए जल्द ही टीबी की रोकथाम के लिए नेशनल स्ट्रेटेजी प्रोग्राम तैयार किया जाएगा।


राज्यों  को कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा

नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार टीबी उन्मूलन के लिए गम्भीरता से कार्य करेगी लेकिन राज्यों को भी इस अभियान में कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। राज्य सरकारों के सकारात्मक सहयोग के बिना केंद्र सरकार को इस अभियान को सफल बनाने में दिक्कतें पेश आएंगी। नड्डा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम असर जरूर डालते हैं। उन्होंने कॉर्पोरेट घरानों और अन्य को भी भारत सरकार के इस कार्य में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने ख़ुशी जताई कि निजी स्वास्थ्य संस्थानों ने भी टीबी के मरीजों का पंजीकरण शुरू किया है। इसके बाद टीबी रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है लेकिन यह चिंता नहीं बल्कि ख़ुशी का विषय है कि निजी स्वास्थ्य संसथान भी अपना दायित्व निभा रहे हैं। नड्डा ने कहा कि भारत सरकार ने स्वास्थ्य बजट को 27.7 फीसदी करके इस दिशा में उठाये जाने वाले कदमों को आसान कर दिया है। बजट बढ़ना जरुरी है लेकिन उससे भी जरूरी है सही दिशा में उस बजट को खर्च करना और भारत सरकार ने स्वास्थ्य बजट को स्वास्थ्य क्षेत्र में खर्च करने की कार्ययोजना बनाई है।

अनिल शर्मा नहीं बोले

इस शिखर सम्मेलन में प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा भी मंच पर मौजूद रहे। जब उनका नाम संबोधन के लिए लिया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इस शिखर सम्मेलन में अनुराग ठाकुर, गुरप्रीत सिंह घुग्गी के अलावा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों और विभिन्न अस्पतालों के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Celebrity XI Vs MP XI: हार-जीत नहीं, TB को हराना है लक्ष्य

- Advertisement -

Facebook Join us on Facebook Twitter Join us on Twitter Instagram Join us on Instagram Youtube Join us on Youtube

हिमाचल अभी अभी बुलेटिन

Download Himachal Abhi Abhi App Himachal Abhi Abhi IOS App Himachal Abhi Abhi Android App

टेक्नोलॉजी / गैजेट्स / ऑटो

Himachal Abhi Abhi E-Paper


विशेष




सब्सक्राइब करें Himachal Abhi Abhi अलर्ट
Logo - Himachal Abhi Abhi

पाएं दिनभर की बड़ी ख़बरें अपने डेस्कटॉप पर

अभी नहीं ठीक है