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OTT-Social Media के लिए सरकार बनाए नियम, जानें अब कैसे कंट्रोल होगा कंटेंट

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी

OTT-Social Media के लिए सरकार बनाए नियम, जानें अब कैसे कंट्रोल होगा कंटेंट

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नई दिल्ली। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोशल मीडिया और ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम, नेटफलिक्स आदि सभी के लिए गाइडलाइन (Guidelines) जारी की। जो नियम इनके बनाए गए हैं वो अगल से किसी कानून में नहीं होंगे। यह सभी नियम आईटी एक्ट के अंदर ही होंगे। ट्विटर के साथ भारत सरकार की बढ़ती तनातनी के बीच यह बात साफ हो गई थी कि भारत सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए अब सख्त गाइडलाइन आने वाली हैं। ऐसे में आज केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद इन नियमों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी। तीन महीने के अंदर अब सभी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म को इन गाइडलाइन्स को अपनाना होगा।


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ऐसे में अब सोशल मीडिया पर यदि कोई फर्जी संदेश और भड़काऊ जानकारी डालेगा तो सरकार कंपनियों से यह पूछ सकेगी कि सबसे पहले यह जानकारी किस यूजर ने पोस्ट की थी। इसके अलावा अब केंद्र सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म यानी अमेजन प्राइम, नेटफलिक्स सहित अन्य सामग्री पर तीन स्तर पर निगरानी रखेगी। अब नए नियमों के तहत आपत्तिजनक संदेश हटाने का आदेश दिया जाएगा और आदेश देने पर 36 घंटे के भीतर प्लेटफॉर्म से विवादित कंटेंट भी हटाना होगा। इसके अलावा अश्लील कंटेंट से जुड़ी पोस्ट को भी शिकायत करने के एक दिन के अंदर प्लेटफॉर्म से डिलीट करना होगा। इसके अलावा अब कंपनियों को चीफ कंप्लायंस अफसर और ग्रिवेंस रिड्रेसल अफसर तैनात करने होंगे। ये सभी भारतीय नागरिक ही होंगे। कोई भी दिक्कत होने पर सरकार इनसे सवाल करेगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपना एक मॉडरेटर तैनात करना होगा। ऐसे में किसी तरह के गलत कंटेंट के लिए मॉडरेटर जिम्मेदार होगा। ऐसे में मॉडरेशन में गलती पाई गई तो सजा भी दी जा सकेगी। सरकार कंटेट को लेकर जाहिर आपत्ति के लिए नियामक एजेंसी बनाएगी। इसमें हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा तीसरे स्तर पर सरकारी संस्थाएं भी प्लेटफॉर्म पर नजर बनाएंगी और यदि दोषी कंपनी को दंडित भी किया जाएगा। सरकार संस्थाएं किसी आपत्तिजनक कंटेट को ब्लॉक भी कर सकेंगी। सरकारी एजेंसी के आदेश के बाद कंटेंट हटाना होगा। कंटेंट हटाने को लेकर अलग-अलग टाइम फ्रेम रहेगा। इसमें 24 घंटे से लेकर 15 दिन के बीच आदेश अमल में लाने होंगे।

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी सर्टिफिकेशन
अभी फिल्मों को सिनेमा पर रिलीज से पहले सर्टिफिकेट दिए जाते हैं। जैसे यू और ए सर्टिफिकेट। अब नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम, जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज को भी यही सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। शो को ‘यू’ (सभी के लिए उपयुक्त) से लेकर ‘ए’ (केवल वयस्कों के लिए) जैसे सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। सबसे अहम बात यह है कि सरकार यह भड़काऊ कंटेंट के बारे में यह जानना चाहती है कि सबसे पहले यह कंटेंट किसने पोस्ट किया। ऐसे में व्हाट्सऐप को भी एंड टू एंड डिस्सक्रीप्शन वाली पॉलिसी को लेकर छूट देनी होगी, क्योंकि इसमें कंपनी यह दावा करती है कि कंपनी को खुद नहीं पता कि किसने मैसेज में क्या लिखा।

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