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अगर मंत्रियों,MLA व सांसदों को सस्ती Canteen तो आम जनता को क्यों नहीं

अगर मंत्रियों,MLA व सांसदों को सस्ती Canteen तो आम जनता को क्यों नहीं

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धर्मशाला। जिस तरह विधानसभा और संसद में विधायकों, मंत्रियों व सांसदों के लिए कैंटीनों की व्यवस्था है, उसी तरह जिला स्तर पर कैंटीनें खोली जाएं, जिससे मंत्रियों, विधायकों व सांसदों की तर्ज पर आम जनता को भी सस्ती चीजें उपलब्ध हो सकें। यह मांग अखिल भारतीय सर्व पेंशनर्स कल्याण महासंघ ने उठाई है। वहीं, अखिल भारतीय सर्व पेंशनर्स कल्याण महासंघ ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की सीमा बढ़ाते हुए इसे किसी भी राज्य के सीएम की पेंशन का 50 फीसदी करने की मांग की है।


  • अखिल भारतीय सर्व पेंशनर्स कल्याण महासंघ ने उठाई  मांग, जिला स्तर पर मांगी यह सुविधा
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन की सीमा बढ़ा किसी राज्य के सीएम की पेंशन का 50 फीसदी करने की मांग
  • पैरा मिल्ट्री फोर्सिस के पेंशनर्स के लिए भी सेना की तर्ज पर कैंटीन,अस्पताल व अन्य सुविधाओं की मांग
  • इसके अतिरिक्त महासंघ ने इनकम टैक्स की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की भी मांग उठाई

महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने वीरवार को धर्मशाला में प्रेसवार्ता में कहा कि किसी भी राज्य में कांट्रेक्ट या आउटसोर्स प्रथा बंद कर नियमित भर्तियां की जाएं। उन्होंने पैरा मिल्ट्री फोर्सिस के पेंशनर्स के लिए भी सेना की तर्ज पर कैंटीन,अस्पताल व अन्य सुविधाएं प्रदान करने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियम एक जैसे होने चाहिए। इसके अतिरिक्त महासंघ ने इनकम टैक्स की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की भी मांग उठाई है। सुभाष शर्मा ने कहा कि हर राज्य में सीनियर सिटीजन को पेंशन का हकदार बनाया जाए। उन्होंने कहा कि विधायक को शपथ लेते ही पेंशन के हकदार हो जाते हैं, जबकि युवा वर्ग कई सालों तक नौकरी करने के बावजूद पेंशन से महरूम रहते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरकारें बजट में नई भर्तियों का प्रावधान करती हैं, उसी आधार पर भर्तियां की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब नई भर्तियों की घोषणा की जाती है तो वो नियमित आधार पर होती हैं, लेकिन सरकारें ठेकेदारों व कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए ठेके व आउटसोर्स के आधार पर भर्तियां करती हैं। उन्होंने कहा कि अब जबकि सातवां वेतन आयोग के तहत इनकम टैक्स की सीमा 5 लाख तक की जानी चाहिए। इस अवसर पर महासंघ के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरन दास, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बीएस पुन्नी, राष्ट्रीय सचिव रमा गुलेरिया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।  उन्होंने कहा कि महासंघ में शामिल पदाधिकारी समाज के अनछुए मुद्दों को उठाकर इस बारे जनता को जागरूक करेंगे। सुभाष शर्मा ने कहा कि महासंघ में हर किसी का स्वागत है, यदि कोई पूर्व विधायक या राजनीतिज्ञ इसमें आना जाता है तो उसका भी स्वागत है, क्योंकि पूर्व विधायक भी तो पेंशनर ही है। सुभाष शर्मा ने कहा कि दिल्ली, पंजाब, जेएंडके, उत्तराखंड और हिमाचल में महासंघ की कार्यकारिणी का गठन किया जा चुका है, शीघ्र ही अन्य राज्यों में भी महासंघ अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएगा।

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