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बड़ी खबर! पोस्ट ऑफिस से बैंक में आसानी से ट्रांसफर होगा पैसा, सरकार लाई यह बदलाव

कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़े जाएंगे देश के डेढ़ लाख डाकघर

बड़ी खबर! पोस्ट ऑफिस से बैंक में आसानी से ट्रांसफर होगा पैसा, सरकार लाई यह बदलाव

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नई दिल्ली। आम बजट (Union Budget) में सस्ता-महंगा करने साथ आम लोगों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने कहा कि देशभर में मौजूद 1.5 लाख से भी ज्यादा डाकघरों को कोर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इस घोषणा से पोस्ट ऑफिस सर्विस (Post Office Service) में जबरदस्त बदलाव आएंगे और लाखों-करोड़ों कस्टमर को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके अलावा बैंकिंग सेक्टर और टैक्सपेयर्स (Taxpayers) के लिए भी कई बड़े ऐलान किए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट भी खोले जाएंगे। कम से कम लागत में डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने का काम किया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल बैंकिंग (Digital Banking) को सरकार का सपोर्ट जारी रहेगा।

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किसानों और वरिष्ठ नागरिकों को होगा फायदा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में सभी 1.5 लाख पोस्ट ऑफिस (Post Office) को मूल बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इससे लोग खुद ऑनलाइन अपने खातों का संचालन कर सकेंगे। इसके साथ ही पोस्ट ऑफिस खातों तथा अन्य बैंकों में पैसे का लेन-देन भी ग्राहक खुद से कर सकेंगे। सीतारमण ने कहा कि 2022 में देश के पूरे 100 फीसदी 1.5 लाख पोस्ट ऑफिस बुनियादी बैंकिंग प्रणाली से जुड़ जाएंगे और इससे वित्तीय समावेश तथा नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम (ATM) के जरिए खातों का संचालन संभव हो जाएगा तथा पोस्ट ऑफिस खातों और बैंक खातों के बीच कोष का आदान-प्रदान हो सकेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे ग्रामीण इलाकों में विशेषकर किसानों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह लाभदायक होगा। वर्तमान में पोस्ट ऑफिस, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के जरिए बचत खाता सेवाएं और भुगतान संबंधी बैंक सेवाएं प्रदान करते हैं।

ग्राहकों के लिए बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सेस

भारत में केपीएमजी के फाइनेंशियल सर्विसेज एडवाइजरी के पार्टनर और हैड संजय दोशी ने कहा कि इसका मतलब 1.5 लाख डाकघरों में खाताधारकों का वित्तीय समावेश होगा। वर्तमान में डाकघर अपने पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर धन के सीमित हस्तांतरण को जमा करता है, क्योंकि यह बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ा नहीं है।

ये डाकघर जुड़ेंगे कोर बैंकिंग से

दोशी ने कहा कि 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक की जमा राशि वाले 35 करोड़ से अधिक डाकघर जमा खातों को कोर बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जाएगा। कोर बैंकिंग (Core Banking) का हिस्सा होने से फंड के प्रबंधन में आसानी होगी, जिसमें पोस्ट ऑफिस की बचत से बैंक खातों में फंड ट्रांसफर करना और बैंक खातों से पोस्ट ऑफिस के खाते में ट्रांसफर करने जैसी सुविधा शामिल है।इसका मतलब है कि बैंकों के लिए डाकघर खातों और जमा धारकों तक पहुंचए बैंकिंग ग्राहकों तक पहुंच में आसानी डाकघर बचत योजनाओं के लिए बैंकों के पास जमा जमा को टैप करने का एक अवसर है। इंटर ऑपरेबिलिटी डाकघर ग्राहकों को बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सेस (उदाहरण के लिए बैंक एटीएम) प्रदान करेगी।

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