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दिवाली बंपरः बंदर मारो 300 नहीं 500 रुपए पाओ

दिवाली बंपरः बंदर मारो 300 नहीं 500 रुपए पाओ

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शिमला। दिवाली बंपर, बंदर मारो 300 नहीं 500 रुपए पाओ। जी हां प्रदेश सरकार ने राज्य के कुछ भागों में बंदरों को वर्मिन barmouriघोषित करने के उपरांत सरकार ने बंदरों को पकड़ने व मारने पर दी जाने वाली प्रोस्ताहन राशि में बढ़ोतरी की है। वन क्षेत्र से बाहर बंदरों को मारने की राशि को मौजूदा 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति बंदर करने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार, प्रति बंदर नसबंदी की राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये किया गया है। क्षेत्र विशेष में बंदरों की टोली में से 80 प्रतिशत बंदरों को पकड़ने पर प्रति बंदर 1000 रुपये की राशि प्रदान करने को स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्मिन घोषित तहसीलों में पंचायत स्तर पर गठित ग्रामीण वन विकास, संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को बंदरों की समस्या पर कार्यशाला आयोजित करने के लिए 1000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।

  • प्रति बंदर नसबंदी की राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये किया
  • क्षेत्र विशेष में बंदरों की टोली में से 80 प्रतिशत बंदरों को पकड़ने पर मिलेंगे प्रति बंदर 1000 रुपये monkey1 बता दें कि इस साल सितंबर माह में  बंदरों को मारने वालों को हिमाचल सरकार ने इनाम देने का ऐलान किया था।  प्रदेश की 38 तहसीलों में एक बंदर को मारने के लिए 300 रुपये का पुरस्कार रखा गया था। इन क्षेत्रों में वानरों को पीड़क जंतु घोषित किया गया है। वनों के बाहर वानरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया था। इसके लिए संबंधित वन मंडलाधिकारी, एसीएफ और वन परिक्षेत्राधिकारी की कमेटियां गठित की गई हैं, जो ऐसे दावों का सत्यापन करेंगी। शिमला शहर,  कांगड़ा जिले की सात, ऊना, सिरमौर की पांच-पांच, सोलन, सिरमौर, चंबा की चार-चार, शिमला, कुल्लू की तीन-तीन, मंडी की एक और हमीरपुर की दो तहसीलों में बंदर वर्मिन घोषित किए गए थे। हालांकि सरकार ने इनाम के साथ कुछ गाइडलाइन भी निर्धारित की हैं।  गाइडलाइन के अनुसार जो बंदर को मारेगा उसे ही बंदर के शव को दफनाना होगा। बूढ़े, कमजोर, अपंग या बच्चे वाली मादा को नहीं मार सकेंगे।  गाइडलाइन में यह भी है कि बंदर पर निशाना साधने से पहले शिकारी को पता करना होगा कि मादा बंदर कहीं गर्भवती तो नहीं। साथ ही बंदर अगर अपने बच्चे को सीने से चिपकाए हुए है तो उसे भी नहीं मारा जा सकता। बंदर मारने के बाद संबंधित रेंज ऑफिसर, फॉरेस्ट गार्ड को सूचना देनी होगी। पहले से गठित कमेटी की निगरानी में बंदर को चयनित जगह पर ही दफनाया जाएगा।

    वनमंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने आज यहां बताया कि राज्य के कुछ भागों में बंदरों को वर्मिन घोषित करने के उपरांत सरकार ने बंदरों को पकड़ने अथवा मारने पर दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की है। अब 300 की वजाए 500 रुपए दिए जाएंगे। साथ ही प्रति बंदर नसबंदी की राशि को भी बढ़ाया गया है। अगर बंदरों की टोली में से 80 फीसदी बंदरों को पकड़ने पर 1000 रुपए राशि दी जाएगी।

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