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मानसून सत्रः सरकार ने विजिलेंस को सौंपी बीजेपी चार्जशीट

मानसून सत्रः सरकार ने विजिलेंस को सौंपी बीजेपी चार्जशीट

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शिमला। पूर्व में विपक्ष में रह कर वीरभद्र सरकार के खिलाफ जारी चार्जशीट को सरकार ने विजिलेंस के हवाले कर दी है। बीजेपी विधायक राकेश पठानिया के लिखित सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने यह जानकारी सदन को दी है। सरकार ने बताया कि इसकी जांच विजिलेंस कर रहा है। बीजेपी ने विपक्ष में रहते हुए तत्कालीन सरकार के सीएम से लेकर मंत्रियों पर आरोप लगाते हुए सरकार को चार्जशीट सौंपी थी। इसमें पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के स्टाफ के अधिकारियों पर भी आरोप लगाए थे। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही इस पूरी चार्जशीट को सामान्य प्रशासन विभाग को सौंप दिया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस मामले में सभी विभागों से रिपोर्ट मांगी और अब पूरे मामले को जांच के लिए विजिलेंस को सौंप दिया है।

विभागों से भी रिपोर्ट मिल गई है। बता दें कि बीजेपी की ओर से सौंपी गई इस चार्जशीट में पूर्व सीएम पर आय से अधिक संपत्ति व भ्रष्टाचार के मामले में आढ़ती चुनी लाल को पहले उन्होंने राज्य कृषि विपणन बोर्ड का निदेशक बनाने फिर कांगड़ा सहकारी बैंक शाखा जरी (कुल्लू) द्वारा 1 करोड़ 30 लाख का कर्ज बैंक के नियमों को ताक पर रख कर दिलवाने का आरोप है। वहीं मंत्री विद्या स्टोक्स, कौल सिंह ठाकुर पर आशा वर्कर भर्ती में घोटालेए टेस्ट लैब घोटाले, आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की मशीनें बेकार कर टेस्टिंग का ठेका आउटसोर्स करने के भी आरोप हैं।


जीएस बाली पर जेएनएनयूआरएम के तहत खरीदी गई 800 बसों का निर्माण कार्य ऐसी कंपनी से करवाने का आरोप लगाया है जो पहाड़ी क्षेत्रों पर नहीं चल सकती। इसी तरह सुजान सिंह पठानिया, ठाकुर सिंह भरमौरी, मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा, प्रकाश चौधरी सहित अन्य मंत्रियों पर आरोप लगे हैं। इसके अलावा बीजेपी ने चार्जशीट में सुभाष आहलुवालिया, डीएसपी पदम ठाकुर समेत कई अन्य अधिकारियों और विधायकों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

8 महीने में 38 हजार परिवार बीपीएल से बाहर

राज्य की वर्तमान सरकार ने पिछले आठ महीने में 38 हजार 143 परिवारों को बीपीएल की सूची से बाहर किया। सरकार की ओर से इन्हें आपात्र पाए जाने पर बाहर किया गया है। वहीं सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया में राज्य में पहले शामिल न हो सके 32 हजार 176 परिवारों को शामिल किया है। इन्हें बीपीएल की सूची में शामिल होने के लिए पात्र माना गया है। विधायक आशीष बुटेल और मुकेश अग्निहोत्री के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार की ओर से लिखित जवाब में बताया कि राज्य में 2 लाख 82 हजार 370 बीपीएल परिवार है।

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