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महिलाएं समाज की रीढ़, सम्मान करने से मिलता है सुकूनः डॉ राजेश

महिलाएं समाज की रीढ़, सम्मान करने से मिलता है सुकूनः डॉ राजेश

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कांगड़ा। श्री बालाजी अस्पताल कांगड़ा के एमडी डॉ राजेश शर्मा ने कहा है कि महिलाएं समाज की रीढ़ हैं, उनका सम्मान करने से एक अलग ही सुकून मिलता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में अपरिमित शक्ति और क्षमताएं विद्यमान हैं। व्यवाहरिक जगत के सभी क्षेत्रों में उन्होंने कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

  • कहा,अनेक महिलाओं ने युग निर्माण में अपना योगदान दिया
  • महिला दिवस पर भडियारा में महिला सम्मेलन को किया संबोधित

अपने अदभुत साहस, अथक परिश्रम तथा दूरदर्शी बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्वपटल पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहीं हैं। मानवीय संवेदनाएं करुणा, वात्सल्य जैसे भावों से परिपूर्ण अनेक महिलाओं ने युग निर्माण में अपना योगदान दिया है। डॉ राजेश अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गांव भडियारा में महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आज कोई क्षेत्र ऐसा नहीं रहा जहां महिलाएं सशक्तिकरण की राह पर न दिखें, बल्कि आज जिस तरफ भी नजर दौडाई जाए हर तरफ महिलाएं अपने पक्ष को मजबूती से रखती नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा कि खुशी की बात है कि गांव-गांव में महिलाएं आज चाहे महिला मंडल हो या कुछ और हर तरफ आगे ही नजर आती हैं। इससे खुशी होती है कि हमारी माताएं, बहनें, बच्चियां अब चारदीवारी के अंदर की बात नहीं रह गई। आज महिलाएं अपने गांव में ही पुरूषों के लिए प्रेरणा बनती जा रही हैं। बड़ी बात तो यह भी है कि महिलाओं की बात को अब माना भी जाने लगा है। डॉ राजेश ने कहा कि अगर बात देश की करें तो उसमें देश की सुरक्षा सबसे अहम होती है, तो इस क्षेत्र में आखिर महिलाओं की भागीदारी को कम क्यों आंका जाए।

देश की मिसाइल सुरक्षा की कड़ी में 5000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली अग्नि-5 मिसाइल की जिस महिला ने सफल परीक्षण कर पूरे विश्व मानचित्र पर भारत का नाम रोशन किया है, वह शख्सियत हैं टेसी थॉमस। डॉ टेसी थॉमस को कुछ लोग मिसाइल वूमन कहते हैं, तो कई उन्हें अग्नि-पुत्री का खिताब देते हैं। पिछले 20 साल से टेसी थॉमस इस क्षेत्र में मजबूती से जुड़ी हुई हैं। टेसी थॉमस पहली भारतीय महिला हैं, जो देश की मिसाइल प्रोजेक्ट को संभाल रही हैं। टेसी थॉमस ने इस कामयाबी को यूं ही नहीं हासिल किया, बल्कि इसके लिए उन्होंने जीवन में कई उतार-चढ़ाव का सामना भी करना पड़ा। आमतौर पर रणनीतिक हथियारों और परमाणु क्षमता वाले मिसाइल के क्षेत्र में पुरुषों का वर्चस्व रहा है। इस धारणा को तोड़कर डॉ टेसी थॉमस ने सच कर दिखाया कि कुछ उड़ान हौसले के पंखों से भी उड़ी जाती। इस मौके पर पंचायत प्रधान कुशला देवी, उपप्रधान पंकू (पंकज) व अन्य मौजूद रहे। 

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