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पाचनशक्ति बढ़ानी है तो इस बार शहतूत जरूर खाएं ….

पाचनशक्ति बढ़ानी है तो इस बार शहतूत जरूर खाएं ….

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शहतूत खाना सभी को अच्छा लगता हैं। यह फल काले रंग का होता है, वैसे तो यह लाल और हरे रंग का भी होता हैं., लेकिन हरे रंग का शहतूत खाने में खट्टा लगता है, जैसे-जैसे यह फल पकने लगता है तो यह लाल रंग का और फिर पूरी तरह से पक जाने पर काले रंग का हो जाता है। शहतूत को आम बोलचाल की भाषा में तूत भी कहते हैं। गर्मी के मौसम में मिलने वाला शहतूत सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह स्वादिष्ट और शीतल फल है। शहतूत में मौजूद गुण शरीर में पानी की कमी को दूर करके प्यास को बुझाते हैं। साथ ही साथ यह पेट की जलन, और पेट के कीड़ों को खत्म करता है।  शहतूत  गर्मियों का एक स्वादिष्ट फल है। इसके अलावा इसमें मौजूद पोटेशियम, विटामिन ए और फास्फोरस  जोड़ों के दर्द, गले की बीमारी और आमवात को ठीक करते हैं। शहतूत दो प्रकार का होता है बड़ा शहतूत और छोटा शहतूत। इसके औषधीय गुण निम्न हैं…
Mulberry fruit
  • शहतूत खाने से पाचनशक्ति बढ़ती है और जुकाम भी ठीक होता है।
  • कब्ज और पेशाब संबंधी रोग शहतूत खाने से ठीक होते हैं। 
  • शहतूत खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और इसमें मौजूद गुण इंसान को हमेशा युवा बनाए रखते हैं।
  • गर्मियों में शहतूत आपको लू से बचाता है।


  • शहतूत सेवन करने से लीवर की बीमारी, पेशाब में जलन और गुर्दों की बीमारी भी ठीक होती है।
  • शहतूत के पत्तों को पीसकर उसके लेप को गर्म करके फोड़ों के उपर लगाने से फोड़े ठीक हो जाते हैं। और घाव भी जल्दी भर जाते हैं।
  • खुजली और दाद में भी शहतूत के पत्तों का लेप लगाने से वे जल्दी ठीक हो जाते हैं।
  • शहतूत के रस को पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मुंह के छाले दूर होते हैं।
  • यदि गले में जलन हो रही हो तो शहतूत का रस या शहतूत का शरबत पीने से गले की जलन दूर होती है।


  • टांसिल्स बढ़ गए हों तो गर्मपानी में 1 चम्मच शहतूत के रस को मिलाकर गरारे करने से ठीक होते हैं।
  • शहतूत दिल संबंधी बीमारियों के लिए भी फायदेमंद होता है। नियमित शहतूत का रस पीने से दिल की कमजोरी दूर होती है और दिल की तेज धड़कनें सामान्य हो जाती हैं।
  • शरीर को उर्जावान बनाने के लिए 1 मिलीलीटर शहतूत के रस में गाय का दूध मिलाकर सेवन करें।

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