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शिकंजाः सफाई के लिए सिर्फ कागजों में प्रयोग हो रहे कीटनाशकों की Payment बंद

शिकंजाः सफाई के लिए सिर्फ कागजों में प्रयोग हो रहे कीटनाशकों की Payment बंद

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नगर निगम ने शिकायतों के बाद सफाई ठेका लेने वाली फर्म के खिलाफ उठाया कदम

municipal Corporation: धर्मशाला। नगर निगम प्रशासन ने सफाई का ठेका लेने वाली फर्म के खिलाफ कड़ा संज्ञान लेते हुए सिर्फ कागजों में प्रयोग किए जा रहे कीटनाशकों की पेमेंट रोक दी है। प्रशासन ने यह कदम फर्म के बारे में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया है। इसके साथ ही सफाई ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मियों की फर्जी हाजिरी भेजने पर भी प्रशासन ने ठोस कदम उठाया है। प्रशासन के निर्देशानुसार सफाई ठेकेदार द्वारा नियुक्त सफाई कर्मियों की हाजिरी ठेकेदार के अलावा तीन और स्तरों पर लगाई जा रही है।


सफाई कर्मियों की भी ठेकेदार के अलावा तीन और स्तरों पर लगेगी हाजिरी

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम के वार्डों के पार्षद, स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्य कर रहे स्वयंसेवी और निगम द्वारा नियुक्त सेनेटरी सुपरवाइजर भी अलग-अलग समय और स्थानों पर सफाई कर्मियों की हाजिरी लगा रहे हैं। इनके द्वारा दी गई हाजिरी की रिपोर्ट का मिलान, सफाई ठेकेदार की रिपोर्ट से करने के उपरांत ही सफाई कर्मियों की संख्या तय की जाएगी और उसी के अनुरूप राशि का भुगतान भी किया जाएगा।


आम जनता के दबाव के बाद मेयर ने उठाया कदम

गौरतलब है कि नगर निगम धर्मशाला का सफाई टेंडर जब से जारी हुआ है तब से ही विवादों में रहा है। कई तरह के आरोप टेंडर हासिल करने वाली फर्म पर लगते रहे हैं। आम जनता ने तो सफाई व्यवस्था को लेकर आरोप लगाए ही, निगम की मेयर को भी सफाई ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा था। सफाई टेंडर की शर्तों के मुताबिक काम न करने के आरोप भी इस फर्म पर लगते रहे हैं और कुछ हद तक यह आरोप सही साबित हुए। नगर निगम के दायरे में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने और किसी तरह की बीमारी से निपटने के लिए फिनाइल, बेंजोन हैक्सा क्लोराइड यानी बीएचसी और ब्लीचिंग पावडर का इस्तेमाल किया जाना था।

टेंडर के मुताबिक हर महीने 600 लीटर फिनाइल, 900 किलोग्राम बीएचसी और 1500 किलोग्राम ब्लीचिंग पावडर का प्रयोग किया जाना था। सफाई टेंडर हासिल करने वाली फर्म के प्रतिनिधि दावे करते रहे कि इन कीटनाशकों का प्रयोग हो रहा है, जबकि असल में ऐसा कुछ पाया ही नहीं गया। इसी के चलते निगम प्रशासन ने कीटनाशकों के इस्तेमाल की एवज में ठेकेदार को देय राशि पर रोक लगा दी है।

अभी तक120 सफाई कर्मियों की हुई है नियुक्ति 

इस बारे में नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त ललित जैन का कहना है कि कीटनाशकों के इस्तेमाल की एवज में सफाई ठेकेदार को दी जाने वाली राशि पर रोक लगा दी गई है। फर्जी हाजिरी का सिलसिला खत्म करने के लिए ठेकेदार की ही हाजिरी रिपोर्ट नहीं देखी जा रही बल्कि तीन अन्य स्तरों पर भी हाजिरी लगाई जा रही है। सभी हाजिरी रिपोर्ट्स के मिलान के बाद ही सफाई कर्मियों को दी जाने वाली राशि जारी की जाएगी। जैन ने माना कि सफाई ठेकेदार ने अभी तक 120 सफाई कर्मी ही नियुक्त किए हैं।

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